Bhopal: कृष्ण मोहन सोनी के BDA अध्यक्ष बनने के बाद, मध्य विधानसभा से सिंधिया समर्थक की दावेदारी हुई मजबूत

भोपाल में BDA अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा में काफी लंबे समय से खींचतान चल रही थी। अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट से कृष्णा घाडगे और शिवराज गुट से पूर्व महापौर आलोक शर्मा के नाम पर भी चर्चा चल रही थी।

BDA President of Krishna Mohan Soni, Scindia supporter ghadge claim from Central Assembly strengthened

मध्यप्रदेश में साल के आखिरी में विधानसभा चुनाव होना है। ऐसे में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही प्रमुख पार्टियों में बड़े नेताओं के समर्थक टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की बात करें तो पार्टी ने चुनाव के पहले टिकट के दावेदारों को अभी से साधना शुरू कर दिया है। दावेदारों को पद देकर मौन रहने के संकेत दिए जाने लगे हैं। हाल ही में हुई अशासकीय पदों पर नियुक्ति से संगठन और सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि दावेदारों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उन्हें पद दिया जा रहा है ताकि टिकट वितरण के दौरान नेताओं की नाराजगी कम हो या ना हो। इसी क्रम में भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) के अध्यक्ष पद पर कृष्ण मोहन सोनी को अध्यक्ष और सुनील पांडे एवं अनिल (लिली) अग्रवाल को उपाध्यक्ष बनाया गया। ये तीनों ही राजधानी में अलग-अलग विधानसभा सीटों के लिए दावेदारी करते नजर आ रहे थे। इनकी दावेदारी से भाजपा के समीकरण बिगड़ने की आशंका दिख रही थी। यही वजह है कि संगठन ने तीनों को चुनाव के पहले ही पद देकर शांत कराने का प्रयास किया है। इन नियुक्तियों के सियासी मायने नीचे विस्तार से समझाइए...

भोपाल की मध्य विधानसभा सीट पर सिंधिया समर्थक की दावेदारी हुई मजबूत

भोपाल की मध्य विधानसभा सीट पर सिंधिया समर्थक की दावेदारी हुई मजबूत

भोपाल में BDA के नए अध्यक्ष कृष्ण मोहन सोनी यानी मुंदन भैया बीजेपी से तीन बार पार्षद रहे हैं। वहीं उपाध्यक्ष लिली अग्रवाल सीएम शिवराज के खास माने जाते हैं और पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह के करीबी हैं। वही सुनील पांडे पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह के खास माने जाते हैं विधानसभा चुनाव से पहले इन नियुक्तियों के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। दरअसल BDA अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा में काफी लंबे समय से खींचतान चल रही थी। अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया गुट से कृष्णा घाडगे और शिवराज गुट से पूर्व महापौर आलोक शर्मा के नाम पर भी चर्चा चल रही थी, लेकिन कृष्ण मोहन सोनी को वरिष्ठता और शिवराज के करीबी होने के चलते फायदा मिला और उन्हें यह कुर्सी मिल गई। वहीं अब कृष्ण मोहन सोनी के BDA अध्यक्ष बनने के बाद सिंधिया समर्थक कृष्णा घाडगे के करीबियों का मानना है कि उन्हें मध्य विधानसभा से विधानसभा का टिकट दिया जाएगा।

कौन है कृष्णा घाडगे ?

कौन है कृष्णा घाडगे ?

बता दे सिंधिया समर्थक कृष्णा घाडगे बीजेपी में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हैं। और मध्य विधानसभा क्षेत्र से लगातार पार्टी की गतिविधियों को लेकर एक्टिव है। बड़ी संख्या में नौजवान वर्ग कृष्णा घाडगे से जुड़ा हुआ है यही वजह है कि जब भोपाल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का आगमन होता है, तो सड़कों पर सिंधिया इस समर्थक के साथ युवाओं का जनसैलाब उमड़ पड़ता है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भोपाल से अपने इस समर्थक को विधानसभा का दावेदार बनाने के लिए सहमति जता सकते हैं। कृष्णा घाडगे का राजनीतिक सफर कांग्रेस की NSUI से शुरू हुआ था। कृष्णा घाडगे मराठा होने के चलते के सिंधिया के शुरू से करीबी रहे। सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद कृष्णा घाडगे ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली और उन्हें बीजेपी में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया।

मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने जीता था पिछला चुनाव

मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने जीता था पिछला चुनाव

बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भोपाल के मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस के आरिफ मसूद ने भाजपा के उम्मीदवार सुरेंद्रनाथ सिंह को करीब 15 हजार वोटों से चुनाव हराकर जीत दर्ज की थी। इससे पहले पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह ने आरिफ मसूद को 2013 के विधानसभा चुनाव में हराया था। अब अगर मध्य विधानसभा से कृष्णा घाडगे को भाजपा का उम्मीदवार बनाया जाता है, तो 2023 विधानसभा चुनाव में मध्य विधानसभा क्षेत्र से कांटे की टक्कर देखने को मिल सकती है।

मध्य विधानसभा से इन नामों पर भी चल रही है चर्चा

मध्य विधानसभा से इन नामों पर भी चल रही है चर्चा

मध्य विधानसभा सीट की बात करें तो कांग्रेस से आरिफ मसूद की दावेदारी प्रबल मानी रही हैं। कांग्रेस पार्टी एक बार फिर उन्हें मध्य विधानसभा क्षेत्र से टिकट दे सकती है। वहीं बीजेपी में मध्य विधानसभा क्षेत्र को लेकर कई दावेदारों के नाम चल रहे हैं। बीजेपी के जिलाध्यक्ष सुमित पचोरी का नाम भी दावेदारों की लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह, बीजेपी के महामंत्री राहुल कोठारी, बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य (सिंधिया समर्थक) कृष्णा घाडगे और पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह भी दावेदारी कर रहे हैं। फिलहाल इन सब दावेदारों में कृष्णा घाडगे की मजबूती सबसे ज्यादा दिखाई दे रही है। उसकी वजह है। हजारों की संख्या में युवा वर्ग का कृष्णा घाडगे से जुड़ना। इसके अलावा कृष्णा घाडगे पहले कांग्रेस पार्टी में भी कार्यकारी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और मध्य विधानसभा क्षेत्र में कई सालों से सक्रिय हैं। ऐसे में अगर भाजपा उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो वे इस विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

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