MP News: आज कैबिनेट बैठक में नई योजना को मंजूरी संभव: नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं के बच्चों की परवरिश
मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही नाबालिग दुष्कर्म पीड़िताओं और उनसे जन्मे बच्चों के पुनर्वास और कल्याण के लिए एक नई योजना शुरू करने जा रही है।
यह योजना मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी प्राप्त कर सकती है। इस योजना का उद्देश्य दुष्कर्म पीड़िताओं और उनके बच्चों को एक सुरक्षित और सहायक वातावरण प्रदान करना है, ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ हो सकें।

योजना का उद्देश्य और पहलू
- इस योजना के तहत, दुष्कर्म पीड़िताओं से जन्मे बच्चों को एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाएं प्रदान की जाएंगी, जैसे:
- स्वास्थ्य सुविधाएं: बच्चों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, और विशेष चिकित्सा देखभाल।
- परवरिश: बच्चों की उचित देखभाल और पालन-पोषण के लिए सुरक्षित वातावरण।
- शिक्षा: पीड़िताओं की पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे अपने शैक्षणिक लक्ष्यों को पूरा कर सकें। यदि वे कोई व्यावसायिक प्रशिक्षण लेना चाहें, तो उन्हें मदद की जाएगी।
- पुलिस सहायता: पीड़िताओं और बच्चों को कानूनी सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
- काउंसलिंग: मानसिक आघात से उबरने के लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
- केंद्र सरकार के निर्देश
- यह योजना केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत बनाई गई है। पिछले साल, प्रोटेक्शन फॉर चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (पॉक्सो) एक्ट के तहत विक्टिम केयर एंड सपोर्ट स्कीम बनाने की सिफारिश की गई थी। इस योजना का संचालन निर्भया फंड से किया जाएगा, जिससे वित्तीय सहायता भी प्राप्त होगी।
विशेष प्रावधान
- चाइल्ड केयर यूनिट: ऐसे बच्चों के लिए डेडिकेटेड चाइल्ड केयर यूनिट की स्थापना की जा सकती है, जहां उन्हें सभी सुविधाएं एक स्थान पर मिल सकें।
- स्वास्थ्य बीमा: नवजात शिशु को पीएम-जेएवाई के तहत प्रति वर्ष 5 लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जा सकता है।
- मिशन वात्सल्य: संस्थागत और गैर-संस्थागत देखभाल के लिए 25 लाख रुपए प्रति वर्ष का प्रावधान भी रखा जा सकता है।
- आर्थिक मदद: 23 वर्ष तक या रोजगार मिलने तक प्रति बच्चा 4000 रुपए की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।
यह योजना न केवल दुष्कर्म पीड़िताओं के लिए एक नई आशा का संचार करेगी, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उम्मीद है कि कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी मिल जाएगी और जल्दी ही इसे लागू किया जाएगा। इससे पीड़िताओं और उनके बच्चों को एक नई शुरुआत करने का अवसर मिलेगा, जो उनके लिए एक सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ाने में सहायक होगा।












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