MP: मलेशिया में गिरफ्तार हुआ सतना का युवक, रिहाई के लिए PM से परिजनों की गुहार
सतना 25 जुलाई। विदेश जा कर पैसा कमाने की चाहत रखने वाला 24 वर्षीय युवक मलेशिया की एलोरा सेंट्रल जेल में कैद होने की खबर सामने आ रही है। इस खबर से सतना में हड़कंप मच गया है। माता पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। पुत्र की वापसी को लेकर परिजन चिंतित हैं जबकि उनके वकील ने इस मामले को लेकर आशंका जाहिर की है कि यह मानव तस्करी और ठगी का मामला हो सकता है। बहरहाल इस मामले में युवक के पिता ने भारत सरकार के साथ सीएम शिवराज और जिला कलेक्टर को आवेदन देकर बेटे की वापसी कराने का आग्रह किया है। सतना सांसद गणेश सिंह ने प्रकरण में आवश्यक कदम उठाने के लिए विदेश मंत्री को पत्र भेजा है।

परिजनों को वॉइस आवाज से लगी जानकारी
जानकारी के अनुसार, सतना शहर के बिरला टपरिया बस्ती निवासी 24 वर्षीय युवक अमित मल्लाह पिता रामजी मल्लाह 13 जून की रात अपने घर से रोजगार की तलाश में सतना से थाईलैंड के लिए गये थे। अमित मल्लाह एजेंट के माध्यम से थाईलैंड के लिए घर से निकले थे।
वह कहां तक पहुंचे इसके बारे में परिजनों को जानकारी तब हुई जब अमित मल्लाह की आवाज में सोशल मीडिया व्हाट्सएप में 20 जून को यह मैसेज मिला कि उन्हें मलेशिया की एलोर सेंटर जेल में बंद कर दिया गया है। वॉइस रिकॉर्डिंग की आवाज सुनते ही युवक के माता-पिता के होश उड़ गए। बेटे की रिहाई के लिए उसके माता-पिता प्रधानमंत्री सहित सतना जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

वकील ने भेजा एंबेसी को मेल
मामले में सक्रियता तब आई जब युवक के पिता रामजी मल्लाह ने वकील सुखेन्द्र पांडेय के ट्विटर के जरिए भारतीय दूतावास से संपर्क कर गुहार लगाई। रामजी के वकील सुखेन्द्र कुमार पांडेय ने बताया कि उन्होंने 14 जुलाई को दूतावास को ट्वीट कर वस्तुस्थिति की जानकारी दी थी।
उन्हें 15 जुलाई को जल्द से जल्द मदद का आश्वासन मिला है। अगले दिन उन्हें आश्वस्त किया गया कि मदद के लिए मेल के जरिए काउंसलर उनसे संपर्क करेगा। इधर जेल में कैद होने की जानकारी के बाद यहां परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

मेहनत-मजदूरी कर बेटे के यह इकट्ठा किए पैसे
अमित मल्लाह के पिता पेशे से मजदूर हैं, जिन्होंने अपने बेटे को विदेश भेजने के लिए बमुश्किल वीजा-पासपोर्ट तैयार कराया और उसके खर्च के लिए 55 हजार रुपयों का व्यवस्था किया था। 13 जून को कोलकाता से वह स्पाइसजेट नंबर- एसजी 742 (सीट नंबर- 23 ई) से गए हुए थे। 14 जून को अमित बैंकॉक पहुंचे थे।

पिता के मुताबिक
इस रात उनकी मोबाइल पर बेटे से बात हुई। पिता की बेटे से अंतिम बार बात 20 जून को हुई तभी उसने बताया कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाद में अमित के पिता राम जी को वीजा कराने वाले एजेंट के मैसेज से इस बात का पता चला कि बेटा मलेशिया की एलोर सेंटर जेल में बंद है। उसने आश्वस्त किया कि करीब 15 दिन में छूट जाएगा। लेकिन 1 महीना बीत जाने के बाद भी अमित का कोई सुराग नहीं मिल रहा, जिसके बाद से परिजन परेशान हैं।

कैसे हुआ दलालों से संपर्क
बताया गया कि अमित मल्लाह के पिता रामजी मल्लाह मूल रुप से बिहार के रहने वाले हैं। वीजा के लिए संपर्क करने वाला अरविंद उत्तम कुमार भी बिहार के गोपालगंज क्षेत्र के मोहम्मदपुर का रहने वाला था। जिसके द्वारा अमित के साथ ही एक अन्य युवक को भेजा गया था। अमित जेल में है, लेकिन दूसरा युवक कहां है इसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है।












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