MP News: मध्य प्रदेश के सभी विधायकों को मिलेगा आई-पेड, ई-विधान का होगा उद्घाटन
मध्य प्रदेश विधानसभा के सभी 230 विधायकों को अब डिजिटल उपकरण के रूप में एप्पल के आई-पेड दिए जाएंगे, जिससे राज्य में ई-विधान प्रणाली की शुरुआत की जाएगी।
इस कदम के जरिए विधायकों को विधानसभा कार्यों के लिए डिजिटल रूप से सशक्त किया जाएगा और कागज आधारित कार्यवाही को कम किया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, इस पहल की सभी औपचारिकताएं अब अंतिम चरण में हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य के प्रमुख अधिकारियों और मंत्रियों ने भाग लिया। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और अन्य वरिष्ठ सदस्य शामिल थे। सभी ने विधानसभा कार्यों और डेटा की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विधायकों को आई-पेड देने पर सहमति जताई।
आई-पेड वितरण की वित्तीय प्रक्रिया
विधायकों को दिए जाने वाले आई-पेड की कुल राशि का भुगतान केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार मिलकर करेंगे। केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत राशि का भुगतान करेगी। इससे पहले, राज्य के विधायकों के लिए ई-ऑफिस शुरू करने के लिए पांच लाख रुपये का प्रावधान किया गया था, जो मार्च 2023 में वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश बजट में उल्लेखित किया गया था।
आई-पेड का महत्व
आई-पेड के माध्यम से विधायक न केवल विधानसभा के कामकाज को डिजिटल रूप में संभाल सकेंगे, बल्कि इससे उन्हें संदर्भ सामग्री, विधायी दस्तावेज, और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इसके अलावा, ई-विधान प्रणाली लागू होने के बाद कागज पर होने वाला खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा। इसके साथ ही, यह विधायकों के बीच विचारों के आदान-प्रदान और नवाचार को बढ़ावा देगा, क्योंकि यह प्रणाली देश भर की विधानसभाओं को एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफार्म पर लाएगी।
ई-विधान प्रणाली का विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा का यह कदम ई-विधान प्रणाली को लागू करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में, देश के 19 राज्य पहले ही इस प्रणाली से जुड़ चुके हैं, और मध्यप्रदेश भी जल्द ही इस प्रणाली का हिस्सा बनेगा। एनआईसी (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देगा, और राज्य के विधायकों को आई-पेड मुहैया कराएगा।
विधानसभा के प्रमुख सचिव का बयान
विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह का कहना है कि सभी विधायकों को जल्द से जल्द आई-पेड दिए जाएंगे, और एनआईसी के सहयोग से प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। उनका मानना है कि ई-विधान से विधानसभा में कागजी खर्च में बड़ी बचत होगी, और विधायकों को हर प्रकार की जानकारी, संदर्भ, और दस्तावेज़ एक डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध हो सकेगा, जो विधायी कार्यों को और अधिक सुचारू और पारदर्शी बनाएगा।
इस पहल से मध्यप्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली में न केवल डिजिटल बदलाव आएगा, बल्कि यह राज्य को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम और बढ़ाएगा।












Click it and Unblock the Notifications