UPHJS 2020 का परिणाम घोषित: आलोक ADOP की दिन में करते थे ड्यूटी रात में पढ़ाई कर बने एडीजे
रीवा, 16 सितंबर। जिले के त्योंथर न्यायालय में पदस्थ सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी लोकेश मिश्रा का पहले प्रयास में ही एडीजे के पद पर चयन हो गया है। उन्होने वर्ष 2020 में आयोजित भर्ती में 23 वीं रैंक हासिल कर एडीजे का पद हासिल किये है। उन्हे मिली इस सफलता से त्यौथर न्यायालय के स्टाफ समेत अधिवक्ता संघ में हर्ष व्यप्त है।

न्याय के क्षेत्र में कार्य कर रहा पूरा परिवार
न्याय के क्षेत्र में कार्य कर रहा पूरा परिवार जानकारी के तहत अतरिक्त जिला जज लोकेश मिश्रा मूलत उत्तर-प्रदेश के प्रयागराज जिले के गांव तुलापुर के निवासी हैं। उनके पिता बरुण कुमार मिश्रा जिला जज के पद से रिटायर हुए हैं वहीं उनके बड़े भाई विकास मिश्रा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बिहार में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लोकेश मिश्रा ने साल 2010 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री हासिल की और वर्ष 2012 से रीवा के त्यौथार में एडीपीओं के पद पर कार्यरत है।
दिन में ड्यूटी रात में तैयारी
नौकरी के साथ तैयारी भी लोकेश मिश्रा न्यायालय के कार्य को बखूबी पूरा करने के साथ ही जज बनने के लिए तैयारी में जुटे हुए थें। उनकी कठिन परिश्रम रंग ले आई और वे पहली ही कोशिश में अतरिक्त एडीजे पर चयनित हो गये। लोकेश मिश्रा ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता, अपने चाचा और बड़े भाई जो की ख्याति प्राप्त वरिष्ठ अधिवक्ता व छोटे भाई सोमेश मिश्रा को दिए है, तो उनका कहना है कि इस सफलता त्योंथर न्यायालय में पदस्थ एडीपीओं धीरज सिंह व जिला अभियोजन अधिकारी व सभी अभियोजन अधिकारी के साथ ही करीबी दोस्त विक्रम शुक्ला व शसांक शुक्ला के विशेष मार्गदर्शन रहा।












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