MP News: जानिए कैसे ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक छात्र को बना दिया अपराधी, पिपलानी में बैंक लूटने की कोशिश नाकाम
MP News: पिपलानी इलाके में शुक्रवार को एक अजीब घटना सामने आई, जब उज्जैन का बीएएमएस तृतीय वर्ष का छात्र संजय कुमार मालवीय धनलक्ष्मी बैंक में लूटपाट की कोशिश करता हुआ पकड़ा गया।
इस मामले में सबसे हैरान कर देने वाली बात यह थी कि आरोपी के अपराध के पीछे एक गंभीर मानसिक दबाव और ऑनलाइन गेमिंग की लत थी।

कैसे हुई घटना
शुक्रवार शाम करीब 4 बजे संजय कुमार मालवीय बैंक में खाता खुलवाने के बहाने पहुंचा। उसने मास्क और हेलमेट पहना हुआ था ताकि वह पहचान में न आए। जब वह बैंक के अंदर घुसा, तो उसने बैग से मिर्ची स्प्रे निकाला और बैंक स्टाफ पर छिड़क दिया। एक कर्मचारी ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह भागने में सफल रहा। हालांकि, बैंक के मैनेजर मनमोहन की सूचना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की और आरोपी को 4 घंटे के भीतर अयोध्या नगर के पास उसके किराए के घर से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा अपराध:
डीसीपी संजय अग्रवाल के मुताबिक, आरोपी की ऑनलाइन गेमिंग की लत ने उसे अपराध की ओर धकेल दिया। वह अपने गेमिंग शौक के चलते फीस सहित लगभग 2 लाख रुपये हार चुका था। हारने के बाद उसने इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए बैंक लूटने की योजना बनाई। आरोपी के बैग से एयर पिस्टल और टू-व्हीलर की आधा दर्जन नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं, जो यह संकेत देती हैं कि उसने गाड़ियों से नंबर प्लेट चोरी की या फिर टू-व्हीलर चुराए थे।
पहले भी बैंक की रैकी कर चुका था आरोपी:
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पहले भी बैंक की रैकी की थी। बैंक मैनेजर ने बताया कि वह पहले दोपहर में बैंक खाता खुलवाने आया था और किरायानामा दिखाया था, लेकिन बैंक के नियमों के कारण खाता नहीं खोला गया। इसके बाद वह शाम को फिर से मास्क और हेलमेट लगाकर आया और लूट की कोशिश की। उस समय बैंक की चेस्ट में करीब 24 लाख रुपये थे, जिसे लूटने की योजना थी।
पुलिस को आरोपी के बैग से कई बैंकों के खाता खुलवाने वाले फॉर्म भी मिले हैं, जिससे यह पता चलता है कि आरोपी ने इन बैंकों में पहले रैकी की थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी अकेला था या उसके कोई और साथी भी इस मामले में शामिल थे।
नैतिकता और मानसिक दबाव
इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि कैसे कुछ लोग मानसिक दबाव और लत की वजह से अपराध की राह पर चलने लगते हैं। ऑनलाइन गेमिंग की लत ने इस छात्र को ऐसा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया, जिससे न सिर्फ उसकी ज़िंदगी बर्बाद हो गई, बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी बन गई।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि ऑनलाइन गेमिंग, खासकर पैसे वाले खेलों की लत, लोगों को मानसिक रूप से इतना प्रभावित कर सकती है कि वे अपराध करने तक पहुंच सकते हैं।












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