MP News: रायसेन में 40 साल पुराना पुल ढहा, चार लोग गंभीर रूप से घायल, बरेली-पिपरिया मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप
Raisen MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में सोमवार सुबह करीब 10:15 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। बरेली-पिपरिया राज्य मार्ग पर नयागांव के पास बना करीब 40 साल पुराना पुल अचानक भरभरा कर ढह गया। हादसे के समय पुल पर से गुजर रही दो मोटरसाइकिलें मलबे में दब गईं, जिसमें सवार चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। नीचे रिपेयरिंग का काम कर रहे मजदूर बाल-बाल बच गए।
घायलों को तुरंत बरेली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा खुद मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पूरी घटना की मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दे दिए हैं।

हादसे का पूरा घटनाक्रम: दो बाइक सवार मलबे में दबे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे पुल के बीच का हिस्सा अचानक धंसने लगा। उस वक्त पुल पर दो मोटरसाइकिलें गुजर रही थीं। एक पर सीहोर जिले के जैत गांव के रामू पटेल (35) और श्यामू पटेल (28) सवार थे, जबकि दूसरी पर बरेली के धोखेड़ा गांव के सुरेश यादव (40) और उनके छोटे भाई रमेश यादव (32) थे। दोनों वाहन मलबे के साथ 15-20 फीट नीचे जा गिरे।
पुल के नीचे मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) की ओर से सड़क चौड़ीकरण और रिपेयरिंग का काम चल रहा था। वहां मौजूद पांच-छह मजदूरों ने जैसे ही पुल हिलते देखा, चीखते हुए भाग निकले। एक मजदूर ने बताया, "हम तो नीचे थे, ऊपर से मलबा गिरने लगा था। ऊपर से आवाज आई तो दौड़कर जान बचाई।"
घायलों में सुरेश यादव की हालत सबसे गंभीर बताई जा रही है। उन्हें सिर और छाती में गहरी चोटें आई हैं। डॉक्टरों ने बताया कि सभी चारों खतरे से बाहर हैं, लेकिन 48 घंटे निगरानी में रखा जाएगा।
कलेक्टर ने माना - पुल 1980-90 का, मूल संरचना कमजोर हो चुकी थी
जिला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मौके पर पत्रकारों से कहा, "यह पुल 1980-90 के दशक में बना था। काफी पुराना हो चुका था। हाल के वर्षों में इसकी मरम्मत कई बार हुई, लेकिन मूल संरचना कमजोर हो चुकी थी। आज सुबह अचानक इसका मुख्य हिस्सा धंस गया। हमने तत्काल मजिस्ट्रेट स्तर की जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।"
उन्होंने यह भी बताया कि MPRDC को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है और एक सप्ताह में पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
बरेली-पिपरिया मार्ग पूरी तरह बंद - यात्रियों को 50 किमी का चक्कर
पुल ढहने से बरेली से पिपरिया, सुल्तानपुर, उदयनगर होते हुए भोपाल जाने वाला सबसे छोटा और व्यस्त मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। अब यात्रियों को दो विकल्प बचे हैं:
1. बरेली → देवरी → सलामतपुर → भोपाल (लगभग 50 किमी अतिरिक्त)
2. बरेली → गैरतगंज → बेगमगंज → रायसेन → भोपाल (लगभग 60 किमी अतिरिक्त)
प्रशासन ने दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी है और वैकल्पिक मार्गों की सूचना के लिए बड़े-बड़े बोर्ड लगाए जा रहे हैं। स्कूल बसें, एम्बुलेंस और मालवाहक वाहनों को भी यही चक्कर लगाना पड़ रहा है। एक यात्री ने शिकायत की, "सुबह से शाम तक का सफर अब दोगुना हो गया। नया पुल कब बनेगा, कोई नहीं बता रहा।"
ग्रामीणों में भारी आक्रोश - "सालों से शिकायत कर रहे थे, कोई सुनवाई नहीं"
नयागांव और आसपास के गांवों के लोग गुस्से में हैं। उनका कहना है कि पुल की हालत सालों से खराब थी। दरारें पड़ चुकी थीं, लोहे की रॉड जंग खा चुके थे और बारिश में पानी नीचे तक रिसता था। कई बार ग्राम पंचायत और जनपद स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन सिर्फ ऊपरी मरम्मत हुई, मूल संरचना को नहीं छुआ गया।
एक बुजुर्ग ने कहा, "हमारे बच्चे इसी पुल से स्कूल जाते हैं। आज भगवान ने बचा लिया, कल कोई बड़ा हादसा हो जाता तो जिम्मेदारी कौन लेता?" कुछ युवाओं ने सड़क पर टायर जलाने की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
जांच के आदेश, लेकिन सवाल वही - कब तक चलेंगी जर्जर संरचनाएं?
रायसेन जिले में यह पहला मामला नहीं है। पिछले पांच सालों में जिले में तीन छोटे-बड़े पुल जर्जर होने की वजह से बंद हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य प्रदेश में सैकड़ों पुल 40-50 साल से ज्यादा पुराने हैं और इनकी लोड बेयरिंग कैपेसिटी घट चुकी है। ऊपर से भारी वाहनों का दबाव और रखरखाव की कमी लगातार हादसों को न्योता दे रही है।
कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि मलबा हटाने के बाद अस्थायी बैली ब्रिज या डायवर्शन रोड बनाया जाएगा और नया पुल बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। लेकिन ग्रामीण पूछ रहे हैं - "जांच होती रहेगी, रिपोर्ट आती रहेगी, लेकिन हमारा मार्ग कब खुलेगा?"
वनइंडिया हिंदी इस घटना पर लगातार अपडेट देता रहेगा। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ यही उम्मीद है कि इस हादसे से सबक लिया जाएगा और प्रदेश के बाकी जर्जर पुलों की जल्द जांच होगी।
(रिपोर्ट: वनइंडिया हिंदी, रायसेन ब्यूरो।












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