Karnataka: घर पर पथराव और हमला बोलने वाले बंजारा समुदाय को मानने में जुटे येदियुरप्पा, जानिए पूरा मामला
कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा विधानसभा चुनाव से पहले बंजारा समुदाय को मनाने में जुट चुके है। ये वो ही समुदाय है जिसने सोमवार को येदियुरप्पा के घर पर सैकड़ोंं की संख्या के साथ हमला बोला था।

कर्नाटक चुनाव से पहले भाजपा के लिए आरक्षण का मुद्दा एक बड़ी समस्या बन चुका है। राज्य मेंबंजारा और भोवी समाज के लोगों का हिंसक प्रदर्शन करते हुए SC रिजर्वेशन में बंटवारे का विरोध करते हुए कर्नाटक में भाजपा नेता येदियुरप्पा (BJP leader BS Yediyurappa) के घर पत्थरबाजी की। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हिंसक प्रदर्शन कर रहे दोनों समुदाय के लोगों पर लाठियां भांजकर उन्हें इतर-बितर किया।

प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण के मुद्दें पर शुरू हुुए प्रदर्शन ने भारतीय जनता पार्टी की चिंंता बढ़ा दी है। वहीं जिन समुदाय के लोगों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता के घर पर सोमवार को पत्थरबाजी की उन्हीं को येदियुरप्पा मनाने में जुट चुके हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा मैं बंजारा समुदाय के नेताओं को फोन करूंगा और उनसे बात करूंगा। मैं पिछले 50 वर्षों से शिकारीपुरा के विकास के लिए काम कर रहा हूं, प्रदर्शनकारियों के साथ कुछ गलतफहमी हो सकती है। इसलिए मैंने एसपी और डीसी से कहा है कि कोई सख्त कार्रवाई न करें।
याद रहे कर्नाटक चुनाव से पहले भाजपा राज्य के किसी भी समुदाय और वोटरों को नाराज करने का खतरा मोल नहीं ले सकती है। सोमवार की सुबह बंजारा और भोवी समुदायों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के दौरान पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के कार्यालय और घर पर पथराव किया गया। वे पूर्व न्यायाधीश सदाशिव आयोग की रिपोर्ट को लागू करने का विरोध कर रहे थे।
गौरतलब है कि लंबे समय से बंजारा समुदाय अनुसूचित जनजाति समुदाय में आंतरिक आरक्षण की मांग कर रहा है। बंजारा समुदाय ने सरकार से जस्टिस एसए जे सदाशिव रिपोर्ट को रद्द करने का आग्रह किया, जिसमें अनुसूचित जातियों के बीच उप-जातियों को आनुपातिक प्रतिनिधित्व की सिफारिश की गई थी। इसलिए सोमवार को दोनों समुदाय के सैकडों संख्या में लोगों ने जुटकर शिकारापुरा में स्थित भाजपा के वरिष्ठ नेता के घर हमला बोला और पत्थथरबाजी की।
बंजारा समुदाय के लोगों ने अवैज्ञानिक बताया और कहा अनुसूचित जाति समुदायों को विभाजित करने के लिए निहित स्वार्थों की एक चाल है जो इन सभी वर्षों में शांतिपूर्वक एक साथ रह रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से बंजारों के साथ अन्याय होगा और सिफारिश को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। वहीं इस मुद्दे पर हुए, कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा कि भाजपा सभी समुदायों को विभाजित करने की कोशिश कर रही है और राजनीति खेल रही है।
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