इंजीनियर के सर पर सवार हुआ कंप्यूटर पार्ट्स चुराने का भूत, चुराए 35 लाख के पार्ट्स, फिर जो हुआ वह....
कर्नाटक पुलिस ने 27 वर्षीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर को बेंगलुरु के बगलूर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से 35 लाख के कंप्यूटर के पुर्जे चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
बैंगलोर, 28 अगस्त। कर्नाटक पुलिस ने 27 वर्षीय इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर को बेंगलुरु के बगलूर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से 35 लाख के कंप्यूटर के पुर्जे चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी राज पात्रा ने अप्रैल के मध्य में द्वारकानगर, बगलूर मुख्य मार्ग स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज बतौर सुरक्षा गार्ड ज्वाइन किया। कॉलेज ज्वाइन करने के बाद उसने पूरे कॉलेज का अच्छी तरह निरीक्षण किया और फिर मौका पाकर कॉलेज के लैब, क्लासरूम और अन्य जगहों से कंप्यूटर के पुर्जे चुरा लिए।

डुप्लिकेट चाबियों का करता था इस्तेमाल
वह डुप्लिकेट चाबियों का इस्तेमाल करके या खिड़कियों से कमरों में सेंध लगाते हुए वह पूरे सिस्टम को नष्ट कर देता और हार्ड डिस्क के प्रोसेसर जैसे रैम को हटा देता। पुलिस ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी। पुलिस ने यह भी बताया कि उसने 5 जुलाई से 11 जुलाई के बीच 200 कंप्यूटर के पार्ट्स चोरी किये।

शक होने पर कॉलेज प्रशासन ने दर्ज कराई शिकायत
13 जुलाई को जब कॉलेज की तकनीकी टीम ने महसूस किया कि कुछ पुर्जे गायब हैं, तब कॉलेज प्रशासन ने एक शिकायत दर्ज कराई। जब पात्रा को इस चीज की भनक लगी, तो उसने कॉलेज परिसर के पास स्थित किराए के मकान को खाली कर दिया। जब मामले की जांच कर रहे अधिकारी को इसकी भनक लगी तो उसका शक पात्रा पर गया, लेकिन न तो कॉलेज और न हीं सुरक्षा एजेंसी को, जिसके लिए वह काम करता था, उसकी कोई जानकारी थी।

चोरी करने के लिए ओडिशा हुआ फरार
इसके बाद वह ओडिशा भाग गया और वहां भी चोरी करने की यही प्रक्रिया दोहराई। उसने भुवनेश्वर में स्थित एक कॉलेज को सुरक्षा गार्ड के रूप में ज्वाइन कर लिया। पुलिस के अनुसार वह वहां से भी कंप्यूटर के पार्ट्स चुराकर चंपत हो गया। पुलिस ने उससे चुराया हुआ सामान खरीदने वाली दुकानों से संपर्क किया और उसके तरीकों की जांच की।

पात्रा को पकड़ने के लिए पुलिस ने बिछाया जाल
इसके बाद पुलिस ने पात्रा को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। उन्होंने कंप्यूटर के पुर्जे खरीदने के बहाने पात्रा से संपर्क किया और उसे कर्नाटक बुलाया। पात्रा ने कोलार के निकट पार्ट्स खरीदने वाले से मिलने का तय किया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, पुलिस ने रंगे हाथों उसे धर दबोचा। कर्नाटक पुलिस ने कहा कि उसने ओडिशा पुलिस को भुवनेश्वर के स्कूल में हुई चोरी की खबर दी। इसके बाद कोर्ट की अनुमति लेकर ओडिशा के दो पुलिस अधिकारी पात्रा को वापस ले जाने के लिए कर्नाटक आए।












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