कर्नाटक में जगह-जगह हनुमान चालीसा का पाठ, बेंगलुरु में VHP कार्यकर्ताओं को चुनाव आयोग ने रोका
बेंगलुरु में हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए जमा हुए बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों को इलेक्शन कमीशन ने रोक दिया। इलेक्शन कमीशन ने राज्य में लागू धारा 144 का हवाला दिया और कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

Hanuman Chalisa: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में वीएचपी (VHP) के कार्यकर्ता विजय नगर में हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए एक मंदिर के बाहर जमा हुए थे। इस दौरान चुनाव आयोग (इलेक्शन कमीशन) ने उन्हें सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए रोक दिया। इस दौरान कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बता दें कि 10 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। वोटिंग से 24 घंटे पहले यानी मंगलवार 09 मई को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ करने का ऐलान किया था।
संगठनों ने इस 'हनुमान शक्ति जगरण' अभियान का नाम दिया था। मंगलवार 09 मई, 2023 को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए विजय नगर स्थिति एक मंदिर के बाहर पहुंच गए और पाठ करने लगे।
इस बात की जानकारी जैसे ही चुनाव आयोग को हुई तो उनकी एक टीम मौके पर पहुंची और VHP कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा हनुमान चालीसा का पाठ रुकवा दिया। इस दौरान चुनाव आयोग की टीम ने सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला भी दिया।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पांच से अधिक लोगों के एक जगह पर जमा होने की अनुमति नहीं है। इस दौरान VHP के कार्यकर्ताओं को कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इस दौरान चुनाव आयोग की टीम और विहिप कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई।
वीएचपी सदस्य अभिषेक का कहना है कि आज हम हनुमान चालीसा का पाठ करने वाले थे, ये किसी पार्टी का प्रचार नहीं था। चुनाव आयोग के अधिकारी यहां आए और पाठ को बंद करवा दिया। कहा कि धारा 144 लागू है। इस दौरान वीएचपी सदस्य ने कहा कि धारा 144 उपद्रवियों और राजनैताओं पर लागू होती है।
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जो चुनाव प्रचार करते है। कहा कि धारा 144 राम भक्त और हनुमान भक्त पर लागू नहीं होती। इस दौरान वीएचपी सदस्य अभिषेक सिंह ने बोलते हुए कहा कि हनुमान भक्तों को टारगेट किया जा रहा है। कांग्रेस पता नहीं क्या चाहती है? क्या भगवान की पूजा भी न करे...क्या इसे भी पाकिस्तान बनाना चाहती है।
आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 'बजरंग दल और बजरंग बली' की एंट्री उस वक्त हुई, जब कांग्रेस ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया था। इसमें कहा, 'राज्य में सरकार में आते ही वह बजरंग दल, PFI समेत जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले सभी संगठनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए बैन लगाएगी।'












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