कश्मीर और दिल्ली के बाद बलिया में लगे "हमें चाहिए आज़ादी' जैसे अमर्यादित नारे, वीडियो हुआ वायरल
Anti National Slogans In Ballia : बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा 'हमें चाहिए आजादी', 'हम लेकर रहेंगे आजादी', 'तानाशाह से चाहिए आजादी' वाला नारा बोलते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है।

यूँ तो नारे लगाने की आजादी हमारे लोकतांत्रिक देश भारत में हर किसी को है पर एक ऐसा नारा जो अक्सर देश विरोधी विचारधारा रखने वालों की जुबान पर रहता है। वही नारा बलिया में भी सुनाई दिया तो अंग्रेजी हुकूमत को 1942 में मुंहतोड़ जवाब देकर सबसे पहले आज़ाद होने वाले बागी बलिया के लोगों का खून खौल गया।
बलिया में लगा "हमें चाहिए आज़ादी, हम लेकर रहेंगे आज़ादी"
दरअसल बलिया जनपद के बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा 'हमें चाहिए आजादी', 'हम लेकर रहेंगे आजादी', 'तानाशाह से चाहिए आजादी' वाला नारा बोलते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है। हालांकि वायरल वीडियो एक माह पुराना बताया जा रहा हैं। अमर्यादित नारो वाली यह वायरल वीडियो बलिया विद्युत विभाग के कर्मचारियों द्वारा अपने ही विभाग के एसी ऑफिस के बाहर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, उसी दौरान कर्मचारियों ने मुझे चाहिए आज़ादी, हम लेकर रहेंगे आज़ादी, तानाशाह से चाहिए आजादी जैसे अमर्यादित नारे लगाए।
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आजद भारत में हमें चाहिए आज़ादी के नारे लगाना कितना सही
इस नारे के पीछे बिजली विभाग के कर्मचारियों का मकसद अपनी मांगो को पूरा करना था। 'हमें चाहिए आजादी' जैसे नारे को अक्सर देश विरोधी ताकतों द्वारा इस्तेमाल करते देखा गया है। ऐसे में विद्युत कर्मचारियों द्वारा इस विवादित नारे को लगाना चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता का कहना है कि संविदाकर्मियों का वेतन रुका हुआ था जिसको लेकर विद्युत विभाग के कर्मियों ने अपनी मांग रखी थी। लेकिन ऐसे विवादित नारो को लगाना सरासर गलत है। हमारा देश आजाद हो चुका है, ऐसे में 'हमें चाहिए आजादी' जैसे नारो का कोई कोई औचित्य नहीं है।

लोकतांत्रिक भारत मे अपनी बात रखने के और भी तरीके
बलिया बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता ने साफतौर पर कहा कि अपनी मांगों को रखने के और भी बहोत सारे तरीके है। ऐसे नारो के जरिये अपनी मांग को सामने रखना गलत है क्योंकि हमारा देश आज़ाद है और हम आज़ाद देश के नागरिक है। जिन कर्मचारियों द्वारा विवादित नारा लगाया गया है उन कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।
लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आज़ादी, लेकिन !
भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतन्त्र में अभिव्यक्ति की सबको स्वतन्त्रता है। लेकिन कई बार कुछ लोग इस स्वतंत्रता का नाजायज़ फायदा उठाते है और देश विरोधी नारे लगाने से भी परहेज नही करते है। 'हमे चाहिए आज़ादी' जैसे नारे अक्सर सुनाई पड़ते है और जब भी ये नारे सामने आते है तो उसके पीछे कही न कहीं देश विरोधी सोच भी उजागर होती है।
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