चंद्रयान-3: अंतरिक्ष की दुनिया में भारत की कामयाबी, मध्य प्रदेश की जमीं पर दीवाली, जश्न में डूबा बालाघाट
Chandrayaan-3: चांद पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग क्या हुई, भारत के कई हिस्सों में दीवाली जैसे माहौल बन गया। मध्य प्रदेश के बालाघाट में जमकर आतिशबाजी हुई और लोगों ने तिरंगा लहराकर अपनी ख़ुशी का इजहार किया हैं। स्कूल के बच्चों ने भी अंतरिक्ष की दुनिया से वाकिफ हुए।
दुनिया के इतिहास में 23 अगस्त का दिन अमिट पन्ने के रूप में दर्ज हो गया हैं। चंद्रयान-3 'विक्रम' की सॉफ्ट लैंडिंग देखने और जानने बड़े महानगरों में ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के बालाघाट जैसे मझौले शहरों में भी उत्सुकता देखी गई। इसका गवाह बने लोग उन पलों को शायद ही कभी भूल सकें।
जैसे ही चंद्रयान-3 ने चंद्रमा की सतह पर सफल लैंडिंग की, बालाघाट में भी लोग खुशी से झूम उठे। यहां कालीपुतली चौक पर एलईडी स्क्रीन लगाईं गई थी, नजारा ठीक वैसे ही था जैसे रोमांचकारी क्रिकेट मैच में भारत के आखिरी ओवरों का सांसे रोक देना वाला खेल। घर की टीवी स्क्रीन छोड़ लोगों का हुजूम चौराहे पर इकठ्ठा हुआ। सभी के साथ लाइव प्रोग्राम देखा। 'विक्रम' की लैंडिंग के आखिरी डेढ़ मिनट का काउन डाउन शुरू होने से लेकर लैंडिंग हर किसी की नजर स्क्रीन पर थी।

जैसे ही इतिहास रचा, लोगों ने ताली बजाकर फिर एक-दूसरे से गले लगकर ख़ुशी का इजहार किया। शहर के कई हिस्सों में मिठाईयां भी बांटी गई। कुछ समय रंग-बिरंगी आतिशबाजी से शहर रोशनी से नहा गया। स्कूलों में भी चंद्रयान-3 की लैंडिंग का सीधा कार्यक्रम दिखाया गया। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की गैलरी में भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने इस खास पल को देखा और सफल लैंडिंग होते ही वह भी शिक्षकों के साथ खुशी से झूमते नजर आए। उत्कृष्ट विद्यालय की गैलरी के अलावा IT रूम में भी सीधा प्रसारण दिखाने की व्यवस्था की गई थी। बच्चों ने अपने शिक्षकों से अंतरिक्ष के संबंध में कई सवाल भी किया। बच्चों ने कहा कि यदि आज का प्रसारण नहीं देखना यादगार पलों में से एक हैं।












Click it and Unblock the Notifications