Farmers Protest: 40 दिन से डटे किसानों को बागपत पुलिस ने खदेड़ा, दिल्ली हिंसा के बाद की कार्रवाई

Baghpat Farmers Protest, बागपत। 72वें गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर देश की राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा के बाद उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में पुलिस-प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पिछले 40 दिनों से यहां धरने पर बैठे किसानों का आंदोलन जबरन खत्म करवा दिया। इस दौरान पुलिस ने किसानों के टेंट भी धरना स्थल से उखाड़ दिए। इस दौरान कुछ किसानों को चोट भी आई। हालांकि बागपत के एडीएम ने इस बात से इनकार करते हुए कहा कि किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया। धरना बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से खत्म कराया गया है।

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    UP: Baghpat में धरने पर बैठे Farmers को Police ने खदेड़ा, आधी रात को की कार्रवाई | वनइंडिया हिंदी
    Baghpat Farmers Protest: Police remove protesting farmers from protest site at Baghpat

    बता दें कि, बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के दिल्ली-सहारनपुर हाइवे 709 पर किसान पिछले 40 दिन से कृषि कानून के विरोध में धरना देकर बैठे हुए थे। धरने की शुरूआत पूर्व खाप चौधरी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में हुई थी। हालांकि वो बाद में धरने से अलग हो गए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरेन्द्र सिंह के हटने के बाद दूसरे खापों के चौधरियों ने बेमियादी धरने का नेतृत्व संभाला। धीरे-धीरे कई किसान संगठनों के साथ खाप चौधरी सुरेन्द्र सिंह दुबारा से धरनास्थल पर लौट आए। गत दिवस गणतंत्र दिवस पर बड़ौत धरनास्थल से सैकड़ों किसान ट्रैक्टर रैली में गए थे। दिल्ली की घटना के बाद बुधवार दोपहर तक अधिकांश किसान दिल्ली से अपने-अपने गांव और बेमियादी धरनास्थल पर लौट आए थे।

    27 जनवरी को पूरे दिन आला अधिकारियों और किसानों के बीच धरना समाप्त करने को लेकर वार्ता चल रही थी। लेकिन किसान अपनी मांगों पर अडिग रहे। पुलिस प्रशासनिक अफसर रात 11 बजे भारी पुलिस फोर्स के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों को खदेड़ते हुए धरना खत्म करा दिया। इसके साथ ही जेसीबी के माध्यम से हाइवे पर लगाए गए सीमेंट के बेरिकेड को भी मौके से हटवा दिया गया। हालांकि, मीडिया को दिए गए बयान में बागपत एडीएम अमित कुमार सिंह ने बताया, 'हमारे पास NHAI का पत्र आया था। उन्होंने गुजारिश की थी कि किसानों के प्रदर्शन के चलते उनके काम में बाधा आ रही है और काम पूरा होने में देरी हो रही है। इसलिए हमने शांतिपूर्ण ढंग से किसानों को वापस जाने को कहा। वे लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपने आप चले गए। हमने इनका सामान भिजवा दिया।'

    एडीएम ने लाठीचार्ज से किया इनकार
    एडीएम ने इस दौरान किसी तरह के बल प्रयोग से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा, 'चार-पांच वृद्ध लोग वहां पर मौजूद थे, उनमें एक मानसिक रूप से थोड़ा बीमार लग रहे थे। लाठीचार्ज नहीं किया गया। किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया। वहीं ऐंबुलेंस में किसानों के सवाल पर एडीएम ने कहा, ऐंबुलेंस से किसी को अस्पताल नहीं बल्कि घर भिजवाया गया है। किसी को किसी तरह की चोट नहीं आई।'

    जयंत बोले- किसान आतंकी या अपराधी हैं क्या?
    आरएलडी नेता जयंत चौधरी ने किसानों पर लाठीचार्ज करने पर नाराजगी जताई। उन्होंने एक बुजुर्ग की तस्वीर शेयर की जिसमें उनके हाथ से खून निकल रहा था। जयंत ने तस्वीर पोस्ट करके लिखा, 'कल देर रात बड़ौत में पुलिस ने सोते हुए किसानों पर लाठियां बरसाई! इस बुजुर्ग किसान को देखो। ये कोई आतंकवादी या अपराधी है क्या?'

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