जकार्ता में युवाओं के लिए पैदल पार पथ बना फैशन शो का मंच

Provided by Deutsche Welle

जकार्ता, 10 अगस्त। जकार्ता यातायात से भरा शहर है, जहां पैदल चलने वालों को सड़क पार करना बहुत मुश्किल होता है. इंडोनेशिया की राजधानी की सड़कों पर फैशन प्रेमियों की भीड़ स्थानीय पुलिस के लिए एक बड़ी समस्या है, लेकिन इससे किशोरों में एक असामान्य रुचि पैदा हुई है.

जकार्ता शहर में इस औपचारिक फैशन मेले ने सीतायम समेत शहर के सभी उपनगरों के फैशन डिजाइनरों का ध्यान आकर्षित किया है, जिसे 'सीतायम फैशन वीक' करार दिया गया है. इस फैशन शो के वीडियो सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर वायरल हुए, जो युवाओं के बीच रुचि का केंद्र बन गए हैं. सीतायम के फैशन डिजाइनर और इस उद्योग से जुड़े लोगों ने रातोंरात प्रसिद्धि हासिल कर ली.

इस तरह के फैशन शो के जरिए इंडोनेशियाई युवाओं को न सिर्फ मॉडलिंग की नौकरी मिलने लगी है, बल्कि इनके फैंस में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है. 18 साल के छात्र रकात अल-फिंडी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, "मुझे लगता है कि यह एक ऐसी जगह है जहां मैं अपनी फैशन शैली को अपने तरीके से बना और व्यक्त कर सकता हूं. यह सब बहुत ही रोचक और मजेदार है. हम बहुत से लोगों से मिलते हैं और मैं नए दोस्त बना सकता हूं."

कैटवॉक करते फैशन मॉडल

जकार्ता दुनिया के उन कुछ शहरों में से एक है, जहां अनगिनत गगनचुंबी इमारतें, आधुनिक कैफे और आधुनिक रेस्तरां हैं. यही कारण है कि आमतौर पर शहर के मध्य क्षेत्रों में सड़कों पर वाहनों की अनुमति नहीं होती है, जबकि पैदल चलने वालों को भी नियंत्रित किया जाता है.

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ऐसे शहर के केंद्र में सभा या कैटवॉक का आयोजन करना बहुत मुश्किल माना जाता है. इसके बावजूद बड़ी संख्या में इंडोनेशियाई युवा उस जगह तक पहुंचने के लिए ट्रेन से यात्रा करते हैं जहां फैशन शो आयोजित किए जा रहे हैं.

पैदल चलने वाले रास्तों को प्रतिबंधित करने के लिए क्षेत्र में पहले से ही पुलिस तैनात कर दी गई है. पुलिस अधिकारियों को लाउडस्पीकरों पर भीड़ को सड़क से दूर रहने की चेतावनी देते हुए भी देखा जा सकता है.

हालांकि पुलिस की कोशिशें 'सीतायम फैशन वीक' में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे युवाओं को नहीं रोक पाई. कई युवा इतने उत्साहित थे कि देर रात फैशन वीक का आनंद लेने के बाद उनकी घर वापसी की ट्रेन छूट गई. ऐसे युवाओं को पुलिस ने पकड़ लिया.

पुलिस कार्रवाई के खिलाफ बोलते हुए अल-फिंडी ने कहा, "हमें यहां घूमने का अधिकार है, यह एक सार्वजनिक स्थान है और मुझे यहां आने का मौका मिलता है ताकि स्कूली परीक्षाओं के तनाव और मानसिक तनाव को दूर किया जा सके."

एए/सीके (एएफपी)

Source: DW

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