MP assembly election 2023: अनूपपुर जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर बीजेपी-कांग्रेस प्रत्याशियों के टिकट क्लियर
MP assembly election 2023: अनूपपुर जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर दोनो ही प्रमुख दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। नामांकन के पहले यह लोगों को पता चल गया है कि प्रमुख दलों के प्रत्याशी का सीधा मुकाबला किससे होगा। दावेदारों की भीड़ में भी कई तरह के कयासों पर भी विराम लग गया हैं।
अनूपपुर जिले की कोतमा विधानसभा से कांग्रेस ने वर्तमान विधायक सुनील सर्राफ को एक बार फिर मैदान में उतारा है। कोतमा से कांग्रेस के पूर्व विधायक सहित जी-25 कांग्रेस नेता सुनील सर्राफ को उम्मीदवार बनाने को लेकर विरोध कर रहे थे। आपसी मतभेद की वजह से पार्टी ने इस सीट पर उम्मीदवार घोषित नहीं किया था। लेकिन विरोध के बाद भी पार्टी ने एक बार फिर सुनील सर्राफ पर भरोसा जताते हुए सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।

अनूपपुर विधानसभा
जिले की तीन विधानसभा में अनूपपुर से भाजपा ने खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहू लाल सिंह के सामने कांग्रेस के रमेश सिंह होगे। बिसाहू लाल सिंह दशकों से कांग्रेस की राजनीति कर रहे थे। 2020 में बिसाहू लाल सिंह ने कांग्रेस की राजनीति छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।अनूपपुर जिले से कांग्रेस ने राज्य प्रशासनिक सेवा से त्याग पत्र देकर आये रमेश सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया हैं। रमेश सिंह वर्तमान में अनूपपुर जिला कांग्रेस अध्यनक्ष हैं। 2020 में अपर कलेक्टर के पद से इस्तीफा देकर इन्होंने कांग्रेस जॉइन की थी। 2020 के उप चुनाव में अनूपपुर विधानसभा से इन्हें कांग्रेस का उम्मीदवार बनाए जाना था, लेकिन इन्हें टिकट नहीं दिया गया था।
पुष्पराजगढ़ विधानसभा
अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विधानसभा से लगातार दो बार के विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को कांग्रेस से, तो वहीं भाजपासे हीरा सिंह श्याम पहली बार अपनी किस्मत आजमाएंगे। हीरा सिंह श्याम पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहें हैं। अनूपपुर जिले की यह दूसरी सीट है, जहां भाजपा ने नए चेहरे को उम्मीदवार बनाया है। पुष्पराजगढ़ से भाजपा को लगातार बार से निराशा ही हाथ लग रहीं है, इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता है।
कोतमा विधानसभा से
अनूपपुर जिले और शहडोल संभाग में एकमात्र सामान्य सीट कोतमा कई मायनों में अहम मानी जाती है। इस सीट पर भाजपा ने अपने हारे हुए पूर्व विधायक को एक बार फिर उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंका दिया। दिलीप जायसवाल, यहां से 2018 में कांग्रेस के प्रत्याशी सुनील सर्राफ लगभग 12 हजार वोटों से हार चुके हैं। 2006 से 2010 तक भाजपा जिलाध्यक्ष रहे हैं। इस इस सीट पर मुकाबला ज्यादा दिलचस्प इसलिए भी हैं क्योकि कोतमा विधानसभा में वर्तमान विधायक सुनील सर्राफ को उम्मीदवार ना बनाने के लिए जी-25 का गठन पूर्व विधायक मनोज अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया था। सुनील सर्राफ को दोबारा उम्मीदवार न बनाने का पुरजोर विरोध हुआ, लेकिन पार्टी सुनील के ही नाम पर मुहर लगाईं।
संवाद सूत्र- राजेश शुक्ला, अनूपपुर मध्य प्रदेश












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