Love is blind: दुनिया नहीं देखी तो क्या हुआ? इस दिव्यांग जोड़े की मोहब्बत ही बन गई सात जन्मों की रोशनी
Love is blind: मोहब्बत चीज ही ऐसी है कि जो सिर्फ देखी नहीं जाती बल्कि उससे कही जज्यादा महसूस की जाती हैं। तो भला जो देख नहीं सकते वो उनका प्यार परवान क्यों न चढ़े। मध्य प्रदेश के अनूपपुर में दिव्यांग प्रेमी युवक-युवती इसी का उदहारण बने।
नेत्रहीन युवक-युवती परिणय सूत्र में बंधते हुए जीवन भर साथ रहने का वचन लिया। इस विवाह में कन्यादान करने वालों से लेकर बारात में नाचने वाले भी कई लोग नेत्रहीन ही रहें। वहीं वर-वधु को आशीर्वाद देने आए लोग अपने आपको अन्य से बेहतर बताया।
बताया गया कि नेत्रहीन युवक अनूपपुर निवासी प्रतीक गुप्ता ने नेत्रहीन युवती दिल्ली निवासी काजल से प्रेम विवाह कर समाज के सामने मिसाल पेश की। प्रतीक गुप्ता और काजल की मुलाकात दिल्ली में एक पारिवारिक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान हुई थी।

जहां से शुरू हुई दोनों में दोस्ती प्रेम में बदल गई। फिर जीवन भर साथ निभाने का वादा कर लिया। वर प्रतीक स्टेट बैंक में कार्यरत है, वहीं वधु काजल अब प्रतीक की जीवन साथी बनकर दोनो साथ निभाने की कसमें खाई। विवाह में कन्यादान करने वालों से लेकर बारात में नाचने वाले भी कई लोग नेत्रहीन ही रहें।
वर-वधु से लेकर को आशीर्वाद देने वाले लोग नेत्रहीनों ने अपने- आपको अन्य से बेहतर बताते हुए कहा कि यदि एक दिव्यांग हो और दूसरा भी दिव्यांग हो तो कहीं ना कहीं एक दूसरे से आपसी प्रेम भाव भी बना रहता है। जब दोनों एक जैसे हो तो यह प्यार और भी मजबूत होता है। एक दूसरे के तालमेल बनाकर यह अपना सुखमय वैवाहिक जीवन व्यतीत करते हैं। इन दोनों के बीच में प्रेम था और इन दोनों ने आपस में सामंजस्य बना यह विवाह किया है।
संवाद सूत्र- राजेश शुक्ला, अनूपपुर मध्य प्रदेश












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