अमेठी के स्कूल में छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़, बिना सीढ़ी छत्त पर चढ़ाकर पानी भरने का वीडियो हुआ वायरल
स्कूल एक ऐसी जगह है जहा बच्चो का सामाजिक विकास, आर्थिक विकास, सांस्कृतिक विकास, व्यक्तिगत विकास होता है। इसलिए हमारे जीवन में स्कूल का अधिक महत्त्व होता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर में संचालित शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और भविष्य से प्रबंधन किस तरह का खिलवाड़ कर रहा है, इसका अंदाजा सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो से लगाया जा सकता है, जिसमे स्कूल पढ़ने आए छात्रों को बिना बाउंड्री वॉल वाली छत पर चढ़ाकर, उनसे पानी के टैंक में बाल्टी से पानी भरवाया जा रहा है। जानकारी अनुसार वीडियो उत्तर प्रदेश के अमेठी ज़िले का है और सोशल मीडिया पर काफी तेज़ी से वायरल हो रहा है।

हो सकता था बड़ा हादसा
दरअसल, पूरा मामला उत्तर प्रदेश के जनपद अमेठी में भादर ब्लॉक के नगरडीह गांव के इस्लामपुर बड़ा प्राथमिक विद्यालय का है। हाल ही में इसी स्कूल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमे स्कूल प्रबंधन बच्चों से विद्यालय के ऊपर रखी टंकी में पानी भरवा रहा है। गौर करने की वाली बात तो यह है कि जिस छत पर छात्रों को चढ़ाया गया है उसमे बाउंड्री वॉल तक नहीं है। और तो और छत पर जाने का कोई रास्ता तक नहीं है, लिहाजा इन छोटे छोटे बच्चों को सीढ़ी के जरिये छत पर चढ़ाया गया है। लोगों का कहना है कि अगर दुर्भाग्यवश किसी बच्चे का पैर सीढ़ी या छत्त से फिसल जाता तो एक बड़ी दुर्घटना का रूप भी ले सकता था। बच्चे स्कूल में पढाई करने जाते हैं और ज्ञान प्राप्त करने जाते है न की महदूरि करने। वीडियो को जो भी देख रहा है उसका यही कहना है कि यह नौनिहालों की जिंदगी से खिलवाड़ है और इसपर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बता दें की वीडियो वायरल होने के बाद देर शाम बीएसए प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया है।

स्कूल ही बनाता है बच्चों का भविष्य
जब हम इस संसार में जन्म लेकर आते है तो हम सभी को कोई ज्ञान नहीं होता मगर हमारे माता-पिता हमें कुछ कुछ सिखाते रहते है और ज्ञान देते है। मगर जब हम थोड़े बड़े होते है तो हमारे माता-पिता हमें सफल व्यक्ति बनाने के लिए स्कूल भेज देते है। जब कोई बच्चा स्कूल की तरफ अपना पहला कदम बढ़ाता है तो उसे पता नहीं होता की वो जीवन की सबसे अच्छी और महत्वपूर्ण जगह पर जा रहा है। हमारे जीवन में स्कूल ही हमारी सफलता की पहली सीढ़ी होती है जहा से हम सफल व्यक्ति बंनने के गुण सीखते है। जिससे हम डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर आदि बन पाते है इसलिए स्कूल के बिना हमारा जीवन अधूरा है। यदि स्कूल नहीं होती तो हमे शिक्षा प्राप्त करने में काफी कठिनाइया होती। प्राचीन समय में बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के लिए गुरुकुल या आश्रम जाते थे और आज हम शिक्षा प्राप्त करने स्कूल में जाते है। जहा से हम शिक्षा प्राप्त करते है और हमारा जीवन सफल बनाते है।
लेकिन इस तरह की तस्वीरें जब हम सोशल मीडिया पर देखते हैं तब यही लगता है की इस प्रकार की लापरवाही और गैर जिम्मेदार हरकत बच्चो का भविष्य सुधारने की जगह उल्टा खतरे में डाल रही है। प्रशासन को इस मुद्दे पर गंभीरता से विहार करने की जरूरत है तभी शिक्षा का स्तर भारत में और ऊपर उठ पाएगा।












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