दुल्हन खरीद की मंडी बना राजस्थान का अलवर, सबसे ज्यादा इस राज्य की दुल्हनों की मांग
Alwar News, अलवर। विश्व महिला दिवस (international women's day) पर जानिए राजस्थान के अलवर जिले की सबसे कड़वी हकीकत। दरअसल, अलवर जिला दुल्हन खरीद की मंडी बनता जा रहा है। यहां की एक सामाजिक के पास आए 41 मामले इस बात के गवाह हैं। अलवर के दलालों के तार अन्य राज्यों के दलालों से जुड़े हुए हैं। पूरा गिरोह बेरोक-टोक और बेखौफ होकर महिलाओं की खरीद-फरोख्त कर रहा है।

अलवर की संस्था के पास आए इन 41 मामलों की पड़ताल करने पर पता चला कि यहां महिलाएं दो तरीकों से पहुंच रही हैं। एक तो ये कि दलाल युवतियों को शादी के नाम पर एक लाख से ढाई लाख रुपए में बेच देते हैं। ये खरीदी हुई दुल्हन कुछ समय रुकती हैं और फिर नकदी-गहने समेटकर भाग जाती हैं। फिर इन्हें वहां के दलाल दूसरे राज्यों में बेच देते हैं। यह सब काम करने के लिए पूरा गिरोह बना हुआ है।
दो तरीकों से हो रही महिलाओं की तस्करी
दूसरा तरीका ये है कि लड़कियों व महिलाओं को गुमराह करके या नौकरी का लालच देकर यहां लाया जाता है। फिर उन्हें लाखों रुपए में बेच देते हैं। हाल ही अलवर जिले की भिवाड़ी पुलिस ने सड़क पर घूमते एक युवती की गतिविधि संदिग्ध लगी तो उससे पूछताछ की। तब पता चला कि वह कुछ बताने में सक्षम नहीं थी।
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हरियाणा वाले बड़े खरीदार
पुलिस ने उसे अलवर में प्रगतिशील महिला समिति को सौंपा। समिति ने उसे विश्वास में लेकर बातचीत की तो सामने आया कि कोई राजू नाम का शख्स उसे उत्तराखंड से यहां लाया था। फिर उसे बेच दिया गया। यह भी पता चला कि अलवर के नीमराना, भिवाड़ी और बहरोड़ से हरियाणा के लोग भी बड़ी संख्या में दुल्हनों की खरीद करते हैं। संस्था संचालिका शची आर्य ने बताया कि महिलाओं की खरीद-फरोख्त से संबंधित 41 मामले हमारे पास आ चुके हैं। ज्यादातर मामले उत्तराखंड, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के हैं। वैसे भी 41 मामले तो सिर्फ शची आर्य की संस्था के पास आए हैं। पूरे जिले में यह आंकड़ा सैकड़ों में हो सकता है।












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