अतीक अहमद को उम्रकैद मिलने पर बोलीं उमेश की पत्नी, 'फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी'
उमेश पाल अपहरण मामले में पुलिस अतीक अहमद और अशरफ समेत सभी आरोपियों को आज एमएपी एमएलए स्पेशल कोर्ट पेश करेंगी। इस मामले में 17 बाद सजा सुनाई जा सकती है।

Umesh Pal kidnapping case: उमेश पाल अपहरण केस मामले में 17 साल बाद प्रयागराज एमपी-एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान सौलत हनीफ को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अतीक को उम्रकैद की सजा सुनाई है और 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, अतीक अहमद के भाई अशरफ सहित अन्य सभी 7 अभियुक्तों को अदालत ने बरी कर दिया है। इस बीच उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने कहा, 'अभी के फैसले से हम संतुष्ट हैं। लेकिन, मेरे पति की हत्या के लिए अतीक अहमद को मौत की सजा दी जानी चाहिए थी।'
उमेश पाल की मां शांति देवी और उनकी पत्नी जया पाल ने अतीक और उसके भाई अशरफ को सजा-ए-मौत दिए जाने की कोर्ट से मांग की है। उमेश पाल की मां और पत्नी का कहना है कि अतीक और अशरफ को जब तक फांसी की सजा नहीं मिली तो उनके परिवार पर खतरा बना रहेगा। जया देवी ने कहा कि अभी के फैसले से हम संतुष्ट हैं। मेरे पति की हत्या के लिए अतीक अहमद को मौत की सजा दी जानी चाहिए। हम न्याय चाहते हैं और मैं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से हमारी मदद करने का अनुरोध करता हूं। अगर वह और उसका भाई बच गए तो यह हमारे और समाज के लिए समस्या होगी।
वहीं, उमेश की मां शांति देवी का कहना है कि मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया। जब उसे (अतीक अहमद) लगा कि वह नहीं बच पाएगा तब उसने 17-18 साल बाद मेरे बेटे की हत्या कराई। कोर्ट मेरे बेटे की हत्या पर उसे (अतीक अहमद) फांसी की सज़ा सुनाए। वह नोट के बल पर आगे कुछ भी कर सकता है। इस दौरान मीडिया से बात करते-करते जया पाल रो पड़ीं।
कहा कि अपराध से अर्जित उसकी संपत्तियों पर बुलडोजर चल रहा है। लेकिन, अगर वह जेल में रहता है और उसे फांसी नहीं होती तो उसके साम्राज्य का अंत नहीं हो सकता। उसने जेल में रहते हुए ही मेरे पति की हत्या करवा दी। जब तक जड़ नहीं खत्म होगा, अतीक का गैंग नहीं खत्म होगा। न्यायलय से हमें उम्मीद है कि वो अतीक को फांसी की सजा सुनाएगा। वहीं उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि सजा मिलने से क्या होगा? जिस तरह से मेरे बेटे को मारा गया है, उसकी तरह अतीक, अशरफ और असद का भी एनकाउंटर होना चाहिए, तभी उन्हें सुकून मिलेगा।
बता दें, पुलिस ने उमेश पाल के घर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। पीएसी के साथ भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई हैं। उल्लेखनीय है कि 28 मार्च को उमेश पाल अपहरण कांड के फैसले के वक्त एमपी एमएलए कोर्ट में पेशी के लिए दोनों भाइयों को यहां लाया जा चुका है।












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