यूपी के इस बाहुबली विधायक को जेल में सता रहा अपनी हत्या का डर, कोर्ट से मांगी सुरक्षा

Prayagraj news, प्रयागराज। जरायम की दुनिया में जिसके नाम से बड़े बड़े सूरमा खौफ खाते हैं, जिसकी तूती पूरे पूर्वांचल में बोलती है, वह बाहुबली अब जेल में अपनी ही हत्या के खौफ से डरा हुआ है। प्रयागराज की सांसद विधायक स्पेशल कोर्ट में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने अर्जी देकर खुद को सुरक्षा देने की गुहार लगाई है और कहा है कि उसे सुरक्षा दीजिए नहीं तो किसी भी वक्त उसकी हत्या कर दी जाएगी।

Jailed UP mla mukhtar ansari requested court for protection

गौरतलब है कि बाहुबली मुख्तार अंसारी इस समय बांदा जेल में बंद है और उनके कई मुकदमों की सुनवाई प्रयागराज की स्पेशल कोर्ट में हो रही है। बांदा से प्रयागराज पेशी पर ले आने के दौरान भी मुख्यतार ने अपना खौफ कोर्ट में बयां किया और पेशी पर ना लाने की अपील की है। हालांकि स्पेशल कोर्ट ने मुख्यतार की सुरक्षा के लिये तो निर्देश जारी किया है, लेकिन पेशी पर छूट नहीं दी है और कहा है कि मुख्तार को पेशी पर हाजिर होना पड़ेगा और उसके लिए पुलिस पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।

क्या कहा बाहुबली ने
उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने जेल में अपनी हत्या की आशंका जताते हुए स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए में प्रार्थना पत्र दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि स्पेशल टास्क फोर्स ही उनकी हत्या का षडयंत्र रच रही है। मुख्तार ने आरोप लगाया कि माफिया डान बृजेश सिंह, एसटीएफ के अभिताभ यश और सांसद रेल मंत्री मनोज सिन्हा उसकी हत्या कराने का षड्यंत्र रच रहे हैं। किसी भी वक्त उस पर जेल में जानलेवा हमला हो सकता है और उनकी हत्या की जा सकती है। अंसारी ने खुद को स्पेशल कोर्ट में पेश करने के बजाय उसकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग कराए जाने की मांग की है।

क्या हुआ कोर्ट में
मुख्तार अंसारी की अर्जी में एसटीएफ समेत अन्य पर आरोप तलबी पर भी सवाल उठाने के मामले को अभियोजन ने कड़े तरीके से विरोध किया और बहस के दौरान कहा कि मुख्तार का हर आरोप निराधार है। कोर्ट में पेशी विधिक प्रक्रिया का हिस्सा है और वह उसी के अनुपालन में हो रहा है। मुख्तार की ओर से जो अर्जी दी गयी है उसमें लिखे गये शब्द अवमानना पूर्ण हैं। ऐसे में अभियुक्त मुख्तार को तलब कर उनसे पूछा जाना चाहिये कि क्या ऐसे अवमानना पूर्ण शब्दों को उन्होनें लिखा है या अधिवक्ता द्वारा कल्पना के आधार पर लिखे गए हैं। हालांकि दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वह अभियुक्त को समुचित सुरक्षा दें।

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