लिपिस्टिक-सिंदूर छोड़ ये पूर्व IPS बन गए कृष्णानंद बाबा, परिवार ने तोड़ लिया था नाता
प्रयागराज। 23 अगस्त को देशभर में जन्माष्टमी मनाई जा रही है। आज हम आपको एक ऐसे ही कृष्ण भक्त के बारे में बताने जा रहे है, जो आईपीएस सेवा में रहने हुए रातों रात 'राधा' बन चर्चाओं में आये थे। बता दें कि अब ये आईपीएस शरीर पर साड़ी, मांग में सिंदूर, चूड़ियां, कान में बाली और नाक में नथुनी नहीं पहनते। अब ये कृष्णानंद बाबा बनकर श्रीकृष्ण की भक्ति में तल्लीन हो गए है।

राधा बन सुर्खियां बटोरी थी
कभी दूसरी राधा के नाम से सुर्खियां बटोरने वाले पूर्व आईजी डीके पंडा ने स्वामी कृष्णानन्द का रूप धारण कर लिया हैं। अब वह राधा के रूप में नाचते-गाते नहीं, बल्कि पीत वस्त्र में बाबा बनकर श्रीकृष्ण की भक्ति कर रहे हैं। बता दें कि स्वामी कृष्णानन्द बने पंडा को पीले-सलवार कुर्ता व गमछे में देखकर अनुमान लगाना कठिन होता है कि कभी यही अपने को मुरलीवाले की राधा बताते थे। आजकल वह मिलने वालों से जय श्री कृष्णा बोलते हैं और बाबाओं की तरह आशीर्वाद देते हैं।

भगवान ने किया मेरा पाणिग्रहण
बताया दे कि पूर्व आईजी डीके पंडा ने करीब चार साल से दूसरी राधा का श्रृंगार बंदकर रखा है। अब पुरुष रूप में केश भी छोटा करवा लिया है। कहते हैं कि भगवान ने मेरा पाणिग्रहण किया है, मेरा एक अन्य रूप भी है कृष्णप्रिया का। यह सब भगवान के आदेश से हो रहा है। क्या जन्माष्टमी पर कृष्णप्रिया या दूसरी राधा का रूप धरेंगे? पूछने पर कहते हैं कि मेरा भगवान से आत्मिक सम्बन्ध हो चुका है अब मुझे अलग से कोई उत्सव या त्यौहार मनाने की जरूरत नहीं है।

सोलह श्रृंगार थी पहचान
आईजी डीके पंडा के दूसरी राधा का रूप जग जाहिर है। एक नवविवाहिता की तरह श्रृंगार करते थे। मांग में सिंदूर, माथे पर बड़ी-सी बिंदी, हाथों में मेंहदी, कोहनी तक रंग बिरंगी चूड़ियां, कानों में बालियां और नाक में नथुनी ,पीला-सलवार कुर्ता, पैरों में घुंघरु और हर पल कृष्णभक्ति में भजन व नृत्य यही उनकी पहचान थी। बता दें कि पांडा की पत्नी ने साल 2009 में गुजारा भत्ता के लिए उन पर केस भी किया था। इसके बाद कोर्ट ने पंडा को पत्नी को संपत्ति का हिस्सा और गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। इनके दो बेटे हैं। पंडा की मानें तो दोनों बेटे उनकी कृष्ण भक्ति को समझते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से परिवार ने इनसे दूरियां बना ली हैं।












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