• search
इलाहाबाद / प्रयागराज न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

मायावती शासनकाल में हुई अपर निजी सचिव भर्ती की सीबीआई जांच शुरू, बढ़ेंगी मुश्किलें

|

Prayagraj News, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में मायावती शासनकाल के दौरान हुई अपर निजी सचिव भर्ती की सीबीआई जांच आखिरकार शुरू हो गई है। सीबीआई ने इस मामले में प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और अब इस भर्ती में हुई धांधलियों की पड़ताल होगी। जाहिर है कि सीबीआई जांच से कई बड़े नामों की मुश्किलें बढेगी। जिसकी आंच पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा प्रमुख मायावती तक जाएगी। गौरतलब है कि बीते दिनों इस भर्ती में धांधली का मामला सामने आया था और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 6 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त कर दिया था।

निजी सचिवों ने अपने रिश्तेदारों को दी नौकरियां

निजी सचिवों ने अपने रिश्तेदारों को दी नौकरियां

इस भर्ती में बहुत सारे आरोप लगे हैं और दावा किया गया था सचिवालय में तैनात कई निजी सचिवों ने अपने रिश्तेदारों व करीबियों को इस भर्ती के माध्यम से नौकरी दी थी। पिछले दिनों आयोग को जब धांधली के साक्ष्य मिले तब ऐसे ही 6 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त किया गया था। 250 पदों पर हुई इस भर्ती में 237 पदों पर जिन लोगों को जॉइनिंग लेटर दिया गया था, उनकी नियुक्तियां सवालों के घेरे में है। सबसे मुश्किल इस बात की रहेगी की मायावती के कार्यालय में तैनात कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में रही है और अब वह सीबीआई के जांच के दौरान शिकंजे में आएंगे।

सीबीआई ने खुद की थी वकालत

सीबीआई ने खुद की थी वकालत

यूपीपीएससी की भर्तियों की जांच के दौरान सीबीआई को एपीएस भर्ती में धांधली के सुराग मिले थे। जिसके बाद सीबीआइ ने ही 19 जून को मुख्य सचिव को पत्र भेजा था और मुख्य सचिव ने सीएम से बातचीत कर सीबीआई की रिपोर्ट दी थी। मामला गंभीर होने पर कैबिनेट बैठक में भी यह मामला उठाया गया था और उसी कड़ी में जुलाई महीने में योगी सरकार ने मायावती शासनकाल में 2010 में शुरू हुई सचिवालय में अपर निजी सचिवों की भर्ती की सीबीआई जांच कराये जाने को मंजूरी दे दी थी।

हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

सीबीआई जांच की संभावना के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने भी इस भर्ती में हुई धांधली के आरोपों पर अपनी ओर से गठित जांच कमेटी द्वारा तहकीकात शुरू की तो 6 लोगों के फर्जी चयन का मामला अब तक सामने आ चुका है। पता चला कि अपर निजी सचिव 2010 की भर्ती में बिना कंप्यूटर आर्हता के 4 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। जबकि अन्य 2 अभ्यर्थियों का चयन बिना अभिलेखों के सत्यापन के हुआ था। फिलहाल इस भर्ती की अब सीबीआई जांच शुरू हो गई है और सीबीआई भी अभी कई बड़े राज उजागर करेगी।

भर्ती के बारे में जाने

भर्ती के बारे में जाने

मायावती शासनकाल में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग ने सचिवालय में अपर निजी सचिवों के 250 पदों की भर्ती शुरू की थी। यह भर्ती मायावती शासनकाल में पूरी नहीं हो सकी और सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद अखिलेश सरकार आ गयी। लेकिन, सपा के पांच साल में भी यह भर्ती फाइनल नहीं हो सकी और योगी सरकार में अक्टूबर 2017 में इसका अंतिम परिणाम घोषित हुआ। रिजल्ट के सरकार ने 217 चयनितों को अपर निजी सचिव के पदों पर जॉइनिंग भी दे दी है। लेकिन, इसी भर्ती में धांधली के ढेरो सबूत सीबीआई को अन्य भर्ती की जांच के दौरान मिले तो मामले ने तूल पकड़ लिया। मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल हुई तो हाईकोर्ट ने इस भर्ती में जांच का आदेश दिया। जिसके सापेक्ष आयोग ने जांच शुरू की तो 6 अभ्यर्थियों का चयन गलत तरीके से किए जाने का मामला सामने आ गया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की क्लर्क भर्ती रिजल्ट जारी, 1785 पदों पर युवाओं को नौकरी

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
CBI enquiry Additional Private Secretary recruitment
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more