भाजपा सांसद की बहू ने बनाया राजनीति का नया रिकॉर्ड, निर्विरोध जीता जिला पंचायत सदस्य चुनाव
प्रयागराज। प्रयागराज के फूलपुर सांसदीय क्षेत्र से सांसद चुनी जाने वाली केशरी देवी पटेल ने जब चुनाव जीता तो खुद के ही रिकॉर्ड के साथ सांसद बनी थीं। अब उनकी बहू ने राजनीति में ऐसा रिकॉर्ड बना दिया है, जिसका टूटना बहुत ही मुश्किल होगा। दरअसल, सांसद की बहू ऋचा सिंह ने निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य चुने जाने का कारनामा किया है और यह वही सीट है जिस पर सांसद बनने से पहले केशरी देवी पटेल काबिज थीं और उनके सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। उम्मीद थी कि इस बार भी इस सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। ऋचा के विरोध में जिन दो प्रत्याशी ने नामांकन फाइल किया था, उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया। जिससे ऋचा निर्विरोध चुनाव जीतने में सफल रही।

सास की सीट बहू का राज
प्रयागराज के जिला पंचायत सदस्य वार्ड संख्या 74 ऐसी सीट थी, जो 1996 से केशरी देवी पटेल के कब्जे में रही थी। हर बार उन्हें इस सीट पर टक्कर मिलती थी, लेकिन अंतत: वह चुनाव जीत जाती थी। इस बार उनकी सीट सांसद बनने के बाद खाली हुई थी, इस सीट को जीतने की जिम्मेदारी उनकी बहू ऋचा सिंह को दी गई। चुनाव के लिए नामांकन शुरू हुआ तो अरुणोदय सिंह, विवेक सिंह और ऋचा सिंह ने नामांकन किया, लेकिन मंगलवार को दोनों अन्य प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे सास की इस सीट पर अब बहू का कब्जा हो गया है। चुनाव अधिकारी व एडीएम नजूल गंगाराम गुप्ता ने मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय में उन्हें विजयी होने का प्रमाण पत्र सौंपा।

इस सीट के बारे में खास
प्रयागराज के ग्रामीण इलाके शंकरगढ़ में वार्ड संख्या 74 से केशरी देवी पटेल ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत 1996 में जीत के साथ की थी। इसके बाद वह लगातार 5 बार इसी वार्ड से जिला पंचायत सदस्य रहीं। 1996 में केशरी देवी जिला पंचायत उपाध्यक्ष बनीं तो तभी यह तय हो गया था कि यह राजनीति में दूर का खेल खेलेंगी। इसके बाद 1998, 2000, 2007 व 2011 में जिला पंचायत अध्यक्ष बनी और जिले का सबसे कद्दावर चेहरा बनने में सफल रही। हालांकि, अब जब केशरी देवी सांसद बन चुकी थी, तब उनकी इस खास सीट को बचाने और जीतने की जिम्मेदारी ऋचा सिंह को दी गई और बहू ने एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए निर्विरोध चुनाव जीत लिया।

कौन है ऋचा सिंह
सांसद केशरी देवी पटेल की बहू और पूर्व विधायक दीपक पटेल की पत्नी ऋचा सिंह अभी तक राजनीति से दूर रही थी। वह मौजूदा समय में पीएचडी कर रही हैं और इसी क्षेत्र में उनकी दिलचस्पी है। लेकिन, पारिवारिक सीट बन चुकी और महिला सीट होने के कारण वह सास की स्पेशल सीट पर चुनाव लड़ने को तैयार हुई और आखिर कार पहले ही चुनाव में निर्विरोध जीत दर्ज कर सास की सीट को अपने पास रखने में सफल रही। गौरतलब है कि ऋचा के पति, सास, जेठ, जेठानी से लेकर पूरा परिवार राजनैतिक घराना है और प्रधान से लेकर सांसद तक की सीट इस परिवार के कब्जे में ही है।












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