अतीक अहमद का भाई बोला, शीर्ष अधिकारी ने मुझे दी धमकी, 2 हफ्ते में जान से मार दिया जाएगा
माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ अहमद ने कहा कि शीर्ष अधिकारी ने मुझे धमकी दी है कि 2 हफ्ते के भीतर मुझे जान से मार दिया जाएगा।

गैंगस्टर अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम ऊर्फ अशरफ अहमद को 2006 के उमेश पाल अपहरण केस में कोर्ट ने बरी कर दिया है। खालिद के अलावा 6 और आरोपियों को इस मामले में कोर्ट ने बरी किया है। कोर्ट से बरी होने के बाद अशरफ अहमद ने कहा कि उसे एक अधिकारी ने धमकी दी है कि उसे दो हफ्ते के भीतर मार दिया जाएगा। अशरफ ने कहा कि एक सीनियर अधिकारी ने मुझसे कहा दो हफ्तों के भीतर मुझे जेल से बाहर निकाला जाएगा और मौत के घाट उतार दिया जाएगा। बता दें कि बरेली की जेल से प्रयागराज अशरफ को कोर्ट की कार्रवाई में शामिल होने के लिए लाया गया था। यहां से बाहर निकलते वक्त अशरफ ने मीडिया के सामने यह दावा किया।
मुख्यमंत्री मेरे दर्द को समझते हैं
जब अशरफ से पूछा गया कि आखिर कौन वह अधिकारी है जिसने धमकी दी है तो उसने कहा वह नाम नहीं ले सकता है अभी, लेकिन एक लिफाफे में उस अधिकारी के नाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा जाएगा, अगर मेरी मौत हो जाती है। जब उमेश पाल की हत्या के बारे में अशरफ से पूछा गया तो उसने कहा कि मेरे खिलाफ लगे सभी आरोप फर्जी हैं। मुख्यमंत्री मेरे दर्द को समझते हैं, मेरे खिलाफ फर्जी केस लगाए गए हैं, उनके खिलाफ भी फर्जी केस लगाए गए थे। बता दें कि उमेश पाल अपहरण केस में प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद और दो अन्य को दोषी करार देते हुए सख्त उम्रकैद की सजा सुनाई है।
2005 में हुई थी राजू पाल की हत्या
बता दें कि यह पहला मामला है जिसमे अतीक अहमद को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उसे सजा सुनाई है। अतीक अहमद के खिलाफ 100 से अधिक केस दर्ज हैं। अतीक अहमद और अशरफ अहमद व 9 अन्य के खिलाफ बसपा नेता राजू पाल का 25 जनवरी 2005 में हत्या का केस दर्ज हुआ था। उमेश पाल उस वक्त जिला पंचायत सदस्य थे, उन्होंने पुलिस को बताया था कि वह राजू पाल की हत्या के गवाह हैं। उमेश पाल ने आरोप लगाया था कि उन्हें बंदूक की नोक पर 28 फरवरी 2006 में किडनैप किया गया, क्योंकि मैंने अतीक अहमद के दबाव में पीछे हटने से इनकार कर दिया था।
पिछले महीने हुई थी उमेश पाल की हत्या
पिछले महीने उमेश पाल की प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। यह हत्या अतीक अहमद के गुर्गों ने की थी। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जोकि काफी वायरल हुआ था। इस घटना के बाद यूपी का सियासी पारा काफी बढ़ गया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए कहा था कि इन जैसे लोगों को पूर्व की सरकारों ने पोषित किया, लेकिन हम इन्हें मिट्टी में मिला देंगे।










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