41520 कांस्टेबल भर्ती: कटऑफ मेरिट में आने वालों को नहीं मिला चयन, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
Prayagraj News, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश पुलिस डिपार्टमेंट में पिछले साल शुरू हुई 41520 कांस्टेबल भर्ती फिर विवादों में घिर गयी है। इस बार कटऑफ में ज्यादा नंबर पाने वालों को चयन सूची से बाहर करने का मामला सामने आया है। मेरिट प्रक्रिया को लेकर चयन सूची से बाहर हुये अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और साक्ष्य कोर्ट को सौंप दिये हैं। कोर्ट ने इसे गंभीर मामला मानते हुये योगी सरकार व पुलिस भर्ती बोर्ड को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के अंदर अपना पक्ष रखने को कहा है। याचिका में बताया गया है कि कटऑफ से कम अंक पाने वाले अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, लेकिन आरक्षित वर्ग के लोगों को कटऑफ से अधिक अंक होने के बावजूद भी चयन सूची से बाहर कर दिया गया है। शिकायत करने वाले अभ्यर्थियों में ओबीसी, एससी व एसटी वर्ग के अभ्यर्थी शामिल हैं। फिलहाल इस भर्ती के फिर से अधर में लटकने और जल्द पूरा ना होने के आसान नजर आने लगे हैं।

क्या है मामला
उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष पुलिस डिपार्टमेंट में 41520 पदों पर कांस्टेबल भर्ती शुरू की गयी थी। लिखित परीक्षा के बाद भर्ती बोर्ड ने 4 दिसंबर 2018 को कटऑफ मेरिट जारी की। मेरिट में आने वाले अभ्यर्थियों को दस्तावेजों के सत्यापन और मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया। इस प्रक्रिया में जो सफल हुये उन्हें फिर शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़) के लिये बुलाया गया और फिर 18 फरवरी 2019 को जब अंतिम चयन परिणाम घोषित किया गया। इस परिणाम को लेकर ही अब विवाद समाने आया है। चयनित ना होने वाले अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर अंतिम चयन सूची को चैलेंज किया है। जिस पर हाईकोर्ट ने सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट में क्या हुआ
इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंकज सिंह व अन्य की ओर से दाखिल हुई याचिका पर न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने सुनवाई शुरू की तो याचियों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस भर्ती में बोर्ड द्वारा ओबीसी के लिए 216.74240, एससी के लिए 172.94451 अंक और एसटी के लिए 135.107 अंकों की मेरिट जारी की गई है। याचीगण के अंक कटऑफ मेरिट से ज्यादा था। लेकिन, उसके बावजूद भी उनका चयन नहीं किया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि भर्ती बोर्ड ने पहले जो कटऑफ जारी की उसमे उसे पर्याप्त अभ्यर्थी नहीं मिले तो दूसरी कटऑफ भी जारी की गयी थी और तब कटऑफ काफी नीचे घटाई गयी। ऐसे में पहली कटऑफ सूची में सफल होने वाले इन अभ्यथर्थियों का चयन न करके भर्ती बोर्ड ने मनमानी की और कम अंकों वालों का चयन कर धांधली भी की गयी है।

27 मई को सुनवाई
इस याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को होगी और 27 मई तक सरकार को अपना जवाब दाखिल करना है। चूंकि कटऑफ से अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों के अगर चयनित किया गया तो चयन सूची में फिर से बड़ा फेर बदल होगा और कई चयनितों को बाहर का भी रास्ता देखना पडेगा। ऐसे में चयनित हो चुके अभ्यर्थी भी हाईकोर्ट की शरण में जायेंगे और यह मामला लंबा खिंचता चला जायेगा। फिलहाल हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस भर्ती बोर्ड और राज्य सरकार दोनों ही इस पर अब कानूनी विचार विमर्श कर रहा है।
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