प्रचार करने निकले प्रत्याशी के गले में 'चप्पल की माला'? नाराज नहीं, बल्कि मुस्कुरा कर मांग रहे vote
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अलीगढ़ जनपद में नामांकन करने वाले प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया है।
चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाने के बाद लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। अलीगढ़ में एक ऐसे भी प्रत्याशी हैं जिनके गले में चप्पलों की माला देखने को मिल रही है।

गले में चप्पलों की माला पहन कर नाराज नहीं बल्कि हंसते हुए प्रचार कर रहे प्रत्याशी को देखकर लोग हैरान रह जा रहे हैं। दरअसल, प्रत्याशी द्वारा लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान अपना प्रचार करने के लिए यह अनोखा तरीका अपनाया गया है।
यह है पूरा मामला
अलीगढ़ जनपद में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए भ्रष्टाचार विरोधी सी से दावेदारी करने वाले निर्दलीय प्रत्याशी को चुनाव चिन्ह के रूप में चप्पल निशान आवंटित किया गया है। चप्पल निशान आवंटित किए जाने के बाद प्रत्याशी केशव देव चप्पलों की माला पहनकर प्रचार कर रहे हैं।
यह पूरा मामला मंगलवार को उसे समय अचानक चर्चा में आ गया जब निर्दलीय प्रत्याशी केशव देव गले में चप्पलों की माला पहन कर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंच गए। कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने के बाद वे पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए।
केशव देव का कहना है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। लोकसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को मिलने वाला पास और सुरक्षा उन्हें नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा सत्ता पक्ष के दबाव में किया जा रहा है।
पार्षद से लेकर सांसद तक का लड़ चुके हैं चुनाव
दरअसल, आरटीआई कार्यकर्ता और समाजसेवी पंडित केशव देव साल 2017 में विधानसभा चुनाव लड़े थे। विधायक की का चुनाव लड़ने के बाद बिहार गए इसके बाद 2022 में भी इन्होंने अपनी किस्मत आजमाई थी।
विधायक ना बन पाने के बाद साल 2023 में हुए नगर निकाय चुनाव में पंडित केशव देव फिर चुनाव लड़े थे। केशव देव पार्षद का चुनाव लड़े लेकिन सफलता नहीं मिली अब एक बार फिर लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान वे लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन कर दिए हैं और चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं।












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