कॉलेज के प्राचार्य लापता, ढूंढ़ने वाले को 11 रुपए इनाम, ABVP का अवैध वसूली को लेकर अनोखा प्रदर्शन
ABVP Protest In Aligarh : छात्रों ने प्राचार्य को लापता बताते हुए ढूंढ़ने वाले को 11 रुपए का इनाम देने के पोस्टर लगा दिए। अब प्राचार्य इस मामले को लेकर एफआईआर कराने की तैयारी कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के एक डिग्री कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानि एबीवीपी (ABVP) के छात्रों को अनोखा आंदोलन कानूनी पेंच में फसाता दिख रहा है। मामला जनपद अलीगढ के धर्म समाज कॉलेज से जुड़ा है, जहां छात्रों ने प्राचार्य को लापता बताते हुए ढूंढ़ने वाले को 11 रुपए का इनाम देने के पोस्टर लगा दिए थे। अब प्राचार्य इस मामले को लेकर एफआईआर कराने की तैयारी कर रहे हैं। ये प्रदर्शन फीस वृद्धि के विरोध को लेकर शुरू हुआ था, जिसको लेकर भी विद्यालय का रुख साफ़ नहीं दिख रहा है। वहीं कॉलेज की मैनेजमेंट कमिटी की आपसी रार भी सामने आ गई है।

लापता हुए प्राचार्य, ढूंढ़ने वाले को 11 रूपए इनाम
दरअसल, अलीगढ के धर्म समाज कॉलेज में बीते शुक्रवार को यह प्रदर्शन हुआ था। बता दें कि धर्म समाज डिग्री कॉलेज राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी अलीगढ से सम्बद्ध है। छात्रों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से कॉलेज के अंदर उनसे अवैध रूप से 500-700 रुपए की वसूली की जा रही थी। जिसके विरोध में शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने विश्वविद्यालय कैंपस में जब प्रदर्शन किया तो उन्हें पता चला कि फीस बढ़ोत्तरी को लेकर कोई भी आदेश विश्वविधालय द्वारा नहीं दिया गया है। फिर भी धर्म समाज विद्यालय के छात्रों से अवैध तरीके से 300, 500 व 700 रुपए तक लिए जा रहे हैं।
वही इस बात को लेकर आज जब सभी छात्र प्राचार्य से मिलने उनके ऑफिस पहुंचे तो वह अपने ऑफिस में नहीं मिले। साथ ही उन्हें यह भी पता चला कि पिछले कुछ दिनों से वह अपने ऑफिस में बैठ ही नहीं रहे हैं। जिससे आक्रोशित होकर छात्रों ने प्राचार्य के लापता होने का पोस्टर कॉलेज की दीवारों पर लगा दिया। यही नहीं उन्होंने पोस्टर में प्राचार्य को ढूंढ कर लाने वाले को 11 रुपए का भारी इनाम देने की भी बात लिख दी।

फीस वृद्धि को रोक दिया गया है - प्राचार्य
वहीं जब इस पूरे मामले पर प्राचार्य से मीडिया ने बातचीत की तो उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने 2 दिन पहले फीस वृद्धि को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। जिसपर कुलपति ने फीस वृद्धि वापस ले ली है। हमने तत्काल सभी कॉलेजों को इस बारे में सूचित भी कर दिया है और साथ ही अपनी वेबसाइट के जरिये भी इस सूचना को छात्रों तक पंहुचा दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ ही दिनों में फीस वृद्धि को लेकर कुलपति द्वारा फिरसे मीटिंग की जाएगी जिसके बाद सभी बातें साफ़ हो जाएंगी। फ़िलहाल फीस बढ़ोत्तरी को रोक दिया गया है।

मैनेजमेंट कमेटी में वर्चस्व की लड़ाई
आपको बता दें कि इस पूरे मामले में एक और हैरान कर देने वाला तथ्य सामने आया है जिससे कहीं न कहीं छात्रों का भविष्य खतरे में दिखाई दे रहा है। दरअसल, जब छात्रों द्वारा ऑफिस से लापता होने के आरोप के बारे में प्राचार्य से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही कॉलेज की मैनेजमेंट कमेटी भंग हो चुकी है यानी इस समय मैनेजमेंट कमेटी का कोई अस्तित्व हैं ही नहीं। जिसके चलते एक टीचर के साथ मिलकर अन्य सदस्यों ने कॉलेज में अपना वर्चस्व दिखाने के लिए प्राचार्य के ऑफिस में जबरन ताला लगा दिया है। इसलिए प्राचार्य प्रॉक्टोरियल ऑफिस में बैठ कर अपना कार्यभार संभाल रहे हैं।
छात्रों के खिलाफ एफआईआर की तैयारी
उन्होंने यह भी कहा कि बिना पूरी जानकारी के छात्रों ने उद्देश्यपूर्ण तरीके से महाविद्यालय की गरिमा को खंडित करने का कार्य किया है। इसलिए निश्चित रूप से उनके खिलाफ मै एफआईआर करवाई जाएगी। बहरहाल, इस पूरे मामले में चाहे फीस वृद्धि को लेकर लिया गया निर्णय हो या मैनेजमेंट कमेटी में वर्चस्व को लेकर चल रही रस्साकशी हो, दोनों ही कहीं न कहीं कालेज प्रशासन के ऊपर कई सवाल खड़े करता है।












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