इजराइल-हमास संघर्ष के बीच राजस्थान का खबाद हाउस क्यों आया सुर्खियों में, RAC के जवान तैनात, CCTV से निगरा
अजमेर, 17 मई। इजराइल और चरमपंथी संगठन हमास के बीच कई दिन से गाजा पट्टी और यरुशलम में संघर्ष चल रहा है। दोनों ओर से एक दूसरे पर हमले हो रहे हैं। इन हमलों में अब तक सैंकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इजराइल-हमास संघर्ष की खबरों के बीच राजस्थान के अजमेर जिले में बना खबाद हाउस एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

खबाद हाउस पुष्कर अजमेर राजस्थान
दरअसल, अजमेर जिले के पुष्कर में स्थित खबाद हाउस इजराइलियों का चर्चित धर्मस्थल है। ऐसे में धर्मस्थल खबाद हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। RAC के सशस्त्र जवान 24 घंटे इस धर्मस्थल के बाहर पहरा दे रहे हैं। साथ ही CCTV के जरिए भी इस पर निगरानी रखी जा रही है।

खबाद हाउस आतंकियों की हिट लिस्ट में भी
बता दें कि खबाद हाउस आतंकियों की हिट लिस्ट में भी शामिल है। मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड कोलमैन हेडली ने इसकी रैकी की थी। हेडली हमला करने में तो कामयाब नहीं हुआ, लेकिन सरकार ने खबाद हाउस को सुरक्षा के घेरे में ले लिया। इसके बाद समय-समय पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी खबाद हाउस की सुरक्षा पर बारीक नजर रखते हैं। ऐसे में ताजा संघर्ष के बाद एक बार फिर खबाद हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

हथियारबंद दो गार्ड 24 घंटे के लिए तैनात
पुष्कर थानाधिकारी राजेश मीणा ने खबाद हाउस के बाहर हथियारबंद दो गार्ड 24 घंटे के लिए तैनात कर रखे हैं। पुलिस के उच्च अधिकारी भी वहां का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को परख रहे हैं। हालांकि कोरोना की वजह से पिछले एक साल से ये धार्मिक स्थल बंद पड़ा हैा निकट भविष्य में भी इसके फिलहाल खुलने की संभावना नहीं है।

खबाद हाउस साल के पांच महीने बंद रहता है
बताया जा रहा है कि खबाद हाउस साल के पांच महीने बंद रहता है और हर साल सितंबर में इजराइली धर्म गुरु यहां आते हैं और फिर फरवरी के आखिर में या मार्च की शुरुआत में वापस लौट जाते हैं, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से ना तो कोई इजराइली धर्मगुरु यहां आया और ना ही इजराइल से कोई पर्यटक खबाद हाउस पहुंचा। ताजा संघर्ष को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने यहां की सुरक्षा बढ़ा दी है। ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना हो।












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