गुजरात दंगे: मोदी की जांच हो या नहीं, फैसला आज

एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जांच में हमें मोदी के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं, वहीं जाकिया जाफरी का कहना था कि मोदी ने दंगों को रोंकने के लिए समुचित कदम नहीं उठाए, इसमें पुलिस अफसर, नौकरशाह और नेता सभी शामिल हैं, उन सब पर केस चलाया जाना चाहिए और इसके पर्याप्त सबूत हैं।
इसके अलावा संजीव भट्ट के हलफनामे में भी यह कहा गया है कि मोदी ने भड़काऊ भाषण दिये थे जिससे कि दो समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ी।
इसके पहले भी जाकिया की याचिका के आधार पर ही सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से मामले की जांच करवाई थी। जिसके बाद फरवरी 2012 में मेट्रोपोलिटन कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गयी थी। मोदी पर अदालत का फैसला आज कुछ भी हो, इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी। इस फैसले पर सभी पार्टियों की नजर है। अगर मोदी के खिलाफ जांच के आदेश दिये जाते हैं तो उनकी पीएम उम्मीदवारी मुश्किल में पड़ सकती है।












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