इन दो बहनों ने दिखाई बहादुरी, बताया कैसी की जाती है शेर से गोरक्षा
बीते दिनों कई ऐसी घटनाएं सामने आईं जिसमें कथित गोरक्षकों ने गो रक्षा के नाम पर कई लोगों के साथ मार पीट की लेकिन गुजरात की इन दो बहनों ने यह दिखा दिया है कि असल गोरक्षा क्या होती है।
नई दिल्ली। गुजरात स्थित गिर के जंगलों में दो बहनों ने इलाके के शेरों से अपने गायों की रक्षा करती हैं। 19 वर्षीय संतोक राबरी और उसकी बहन 18 वर्षीय मेया अपनी गायों की रक्षा शेर से करती हैं।

एक गुजराती कविता चारण कन्या में बताया गया है कि 9 अक्टूबर को इन दोनों बहनों ने शेर का सामना किया।
ये बहनें बिना किसी हथियार के शेरों की आंखों में आंख डाल कर गायों की रक्षा करती हैं।
पिता पैरालिसिस के शिकार
इनके पिता 10 साल पहले पैरालिसिस का शिकार हो गए थे। इसके बाद से ये ही मवेशियों को जंगल में चराने के लिए ले जाती हैं।
गैर सरकारी संगठन जल क्रांति के संस्थापक मनसुख सुवज्ञा ने कहा कि दोनों बहने जंगल में गाय चराने गई थीं, इतने में शेर आ गया।
हाथ में छड़ी और आंखों में बहादुरी
इस दौरान संतोक और मेया हाथ में अपनी छड़ी लेकर शेर और गाय के बीच में खड़ी हो गईं और उसकी आंखों में देखने लगीं। दोनों ने शेर को तब तक घूरा जब तक की वो वापस नहीं चला गया।
सुवज्ञा ने कहा कि इन दोनों की बहादुरी के बारे में वहां के स्थानीय लोगों और गार्ड से भी जानकारी मिली।
उन्होंने कहा कि वे उनके साथ पांच दिन जंगल में साथ गाय चराने गए। उन्होंने दोनों बहनों का विश्वास से भरा बॉडी लैंग्वेज देखा।
ऐसे आप पर हमला कर देंगे शेर
संतोक ने कहा कि अगर आप शेर को पीठ दिखाओगे तो वो आप पर हमला करेगा। अगर आप उसके सामने खड़े रहे तो वो आपको छोड़र चले जाएंगे।
वन अधिकारी पीए विठलानी ने कहा कि मैं ऐसी पांच घटनाओं के बारे में जानता हूं जिसमें इन्होंने शेर को भगा दिया।












Click it and Unblock the Notifications