18 लाख रिश्वत लेने वाले इंस्पेक्टर डीडी चावड़ा को गुजरात सरकार ने सस्पेंड किया, ACB ने पकड़ा था
अहमदाबाद. गुजरात में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने दिसंबर के आखिरी हफ्ते में पुलिस इंस्पेक्टर डी.डी. चावड़ा को घूस लेते गिरफ्तार किया था। अब उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।चावड़ा रिश्वतखोरों को पकड़ा करते थे, लेकिन वे खुद भी रिश्वतखोर निकले। अहमदाबाद एसीबी की टीम ने उन्हें एक गौशाला के केस में 18 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई तब हुई, जब एक शिकायतकर्ता ने अहमदाबाद एसीबी के उच्च अधिकारियों से शिकायत की। एसीबी की टीम ने प्लानिंग करके डी. डी. चावड़ा के घर रेड मारी और पकड़े गए।

'उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया जाएगा'
डीडी चावड़ा एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के निरीक्षक भी रहे हैं, अब उनके खिलाफ एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया है। राज्य के डीजीपी ने कहा था कि चावड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होने पर उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में अगर उसे ड्यूटी पर बने रहने दिया गया तो वह उसके खिलाफ सबूतों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए उसे पकड़े जाने के बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। अपने निलंबन के दौरान उन्हें डांग जिले के पुलिस मुख्यालय के साथ जोड़ा गया था।

प्रतिष्ठित डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई
एसीबी के असिस्टेंट डायरेक्टर डीपी चुडासमा ने कहा कि चावड़ा को सस्पेंड करने के बाद यह घोषणा की गई है कि अगर चावडा ने किसी और से रिश्वत मांगी है, तो उसे शिकायत दर्ज करने के लिए आगे आना चाहिए। इस घोषणा के बाद, जूनागढ़ के एक प्रतिष्ठित डॉक्टर ने शिकायत दर्ज कराई है कि चावड़ा ने उनसे और उनके एक अन्य डॉक्टर मित्र से शहर में एक आवासीय क्षेत्र में अस्पताल चलाने के संबंध में 15 लाख रुपये की मांग की थी। इस संबंध में जूनागढ़ में एसीबी पुलिस स्टेशन के साथ मामला नंबर 6/2019 दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गये थे
इंस्पेक्टर चावड़ा ने जूनागढ़ में एसीबी कार्यालय में पशु चरागाह भूमि से संबंधित मामले में 18 लाख रुपये रिश्वत ली थी, एसीबी ने वहीं गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले राज्य के गृह विभाग ने राजकोट जिले में जैतपुर के जेपी भरवाड को डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद से निलंबित कर दिया था, जिसने पिछले अगस्त में 8 लाख रुपये के रिश्वत मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गये थे।
बाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के सामने भरवाड ने आत्मसमर्पण कर दिया था। राज्य एसीबी के रिपोर्ट में उल्लेख है कि, सरकार के सभी विभागों में गृह विभाग ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा रिश्वत ली जाती है।












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