अब्दुल चाचा जिन्होंने बच्चों को प्रेरित करने के लिए स्कूल में ही बनावाया मंदिर
अहमदाबाद। स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हुए अब्दुल चाचा को काफी साल हो गये हैं अब वो रिटायर हो चुके हैं छात्रों को जीवन की शिक्षा देते हैं। लेकिन अब्दुल वोरा जी ने अपने जीवन को ही एक ऐसी शिक्षा के रुप में स्थापित किया है जिसे लोग अपने जीवन में जरूर अपनाना चाहेंगे।

अब्दुल वोरा ने अहमदाबाद के नड़ियाद जिले के मरिदा गांव में स्कूल के भीतर ही हिंदू देवी सरस्वती का मंदिर बनवाया है ताकि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चें इससे प्रेरित हो सके। वोरा ने इस स्कूल में तकरीबन तीश दशक तक पढ़ाया है और यह इलाका हिंदू बाहुल्य इलाका है।
वोरा ने इस मंदिर के निर्माण में अपनी जमा पूंजी को खर्च किया है। इस मंदिर के निर्माण में पांच साल लगे हैं। वहीं वोरा के इस प्रयास में गांव के लोगों ने भी उनकी मदद की है। लेकिन रुकिये बात यही खत्म नहीं होती है वोरा ने बच्चों को यह तक सिखाया है कि कैसे मंदिर में पूजा की जाए।
वोरा जब कथलाल में ट्रेनिंग के लिए गये थे तो वहां बने मंदिर को देखकर वह काफी प्रेरित हुए थे। वोरा कहते हैं कि मेरी यह शुरु से इच्छा थी कि मैं भी गांव के लिए एक मंदिर का निर्माण करा सकूं। वोरा का जन्म नादियाड़ के अंधारी गांव में हुआ था, इस गांव में तीन ही मुसलमान परिवार थे जिनमें से एक परिवार वोरा का था।
नादियाड़ कहते हैं कि इस गांव का हर शख्श उनका सम्मान करता है और वह हमेशा ही इस गांव के लोगों की सेवा करना चाहते हैं। हाल ही में वोरा के बड़े बेटे को यहां के गुंडो ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।












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