Vimal Kumar ने क्रैक की सीडीएस की परीक्षा, 12वीं फेल IPS की स्टोरी पढ़कर खुद को किया था मोटिवेट
Vimal Kumar ने क्रैक की सीडीएस की परीक्षा, 12वीं फेल IPS की स्टोरी पढ़कर खुद को किया था मोटिवेट
Vimal Kumar Success Story: इरादे पक्के हो..और जिंदगी में कुछ हासिल करने की चाह हो तो आप कुछ भी कर सकते हैं। ऐसी ही कुछ कर दिखाया है आगरा जिले के छत्ता थाने में तैनात कांस्टेबल विमल कुमार सिंह ने। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में नौकरी करते हुए विमल सिंह ने तीन बार एडीए (NDS) और दो बार सीडीएस (CDS) की परीक्षा दी। लेकिन, विमल सिंह को सफलता हासिल नहीं हो सकी। इन असफलताओं से विमल डरे नहीं और खुद को मोटिवेट करते हुए सीडीएम की परीक्षा को आखिरी प्रयास में क्रैक कर लिया। आइए जानते हैं विमल कुमार सिंह के सेना में लेफ्टिनेंट बनने का सफर।

कौन हैं विमल कुमार सिंह?
विमल कुमार सिंह मूल रूप से मुजफ्फरनगर जिले के फुगाना थाना क्षेत्र के करौदा महाजन गांव के रहने वाले हैं। इस समय विमल यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर आगरा जिले के छत्ता थाने के पीपल मंडी चौकी में तैनात है। विमल सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि मैंने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ से साल 2020 में पूरी की। मेरे परिवार में माता-पिता और एक छोटा भाई है। पापा धर्मेंद्र कुमार सेना में थे और नायक की पोस्ट से रिटायर हुए और अभी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

पिता को देखकर सेना में जाने का बना मन
विमल कुमार बताते है कि उन्होंने अपने पिता धर्मेंद्र कुमार को बचपन से ही सेना में देखा था। जिसके बाद उनका मन भी सेना में जाने का था। लेकिन, वो सेना में नहीं जा सके और यूपी पुलिस में कांस्टेबल के पद पर नौकरी लग गई। हालांकि, विमल सिंह ने हार नहीं मानी और सेना में अधिकारी बनने का ख्वाब देखकर अपनी तैयारी शुरू कर दी। विमल ने बताया कि जब मैं इंटर में था, तो एनडीए का फॉर्म भरा, लेकिन मैं रिर्टन तक क्वालीफाई नहीं कर पाए। मैंने तीन बार एनडीएम की पेपर दिया। लेकिन तीनों ही बार क्वालीफाई नहीं हुआ तो थोड़ी निराशा हुई, पर हार नहीं मानी।

CDS के जरिए सेना में जाने की शुरू की तैयारी
विमल की मानें एनडीए में सफलता हाथ नहीं लगी तो मैंने सीडीएस (CDS) के जरिए सेना में जाने की ठान ली और तैयारी शुरू कर दी। परीक्षा दी, लेकिन भाग्य ने एक बार फिर साथ नहीं दिया। इसी बीच यूपी पुलिस में आरक्षी के पद पर 2021 में चयन हो गया। परिवार के कहने पर मैने उस समय पुलिस ज्वाइन कर ली। मगर, सेना के प्रति प्यार कम नहीं हुआ। विमल की मानें तो उन्होंने पुलिस की नौकरी के साथ एक बार फिर CDS की परीक्षा दी, लेकिन इस बार भी कामयाबी नहीं मिली।

विमल ने पढ़ी IPS मनोज कुमार की जीवनी
विमल सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि कई बार असफलता मिलने के बाद मैं थोड़ा टूट सा गया था। इस दौरान चौकी उन्हें इंचार्ज व थाना प्रभारी ने मोटिवेट किया। इतना ही नहीं, मैंने खुद को मोटिवेट करने के लिए 12वीं फेल आईपीएस मनोज कुमार की जीवनी पढ़ी। दरअसल, विमल के पास सीडीएस में शामिल होने का अंतिम अवसर था। ऐसे में उनके ऊपर दबाव कही और अधिक बढ़ गया था। अंतिम अवसर पर सफलता पाने के लिए उन्होंने ज्यादा मेहनत की। विनय ड्यूटी पर जाते समय वो किताब भी साथ लेकर जाते थे। जब भी समय मिलता, अपनी किताब पढ़ने लगते।

SSP समेत आलाधिकारियों ने विमल को दी बधाई
विमल बताते है कि ड्यूटी के बाद वो रात को सोने से पहले दो घंटे जरूर पढ़ते थे। इसका ही फल है कि उनका लेफ्टिनेंट पर चयन हुआ है। विमल कुमार के लेफ्टिनेंट के लिए चयन होने पर एसएसपी प्रभाकर चौधरी सहित अन्य अधिकारियों ने उन्हें शाबासी दी है। उनका उत्साह बढ़ाया है। तो वहीं, अब विमल कुमार सिंह के सीडीएस में चयन के बाद उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा है।












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