Rana Sanga Jayanti VIDEO: आगरा में राजपूतों ने MP सुमन के खिलाफ भरी हुंकार, तलवारें लहराते हुए पुलिस को घेरा
Rana Sanga Jayanti 2025 Agra: राणा सांगा जयंती (12 अप्रेल 2025) पर शनिवार को उत्तर प्रदेश के आगरा में राजपूतों ने समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के खिलाफ हुंकार भरी है।एक साथ 80 हजार से ज्यादा करनी सेना कार्यकर्ता व राजपूत आगरा पहुंचे हैं।

आगरा पुलिस ने राणा सांगा पर राजपूतों व सांसद के बीच संग्राम की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, मगर तलवारें लहराते राजपूतों को देख पुलिस के भी पसीने छूट गए। प्रदर्शन करने वालों ने पुलिस को भी घेर लिया।
वनइंडिया हिंदी से बातचीत में आगरा पुलिस के आरआई विनोद कुमार ने राणा सांगा जयंती को लेकर किए गए सुरक्षा इंतजामों पर विस्तार से चर्चा की है। बताया कि आगरा पुलिस ने राणा सांगा जयंती से पहले करीब 10 लाख रुपए खर्च सुरक्षा उपकरण खरीदे हैं। साथ ही सांसद रामजीलाल सुमन के घर की सुरक्षा बढ़ाई है।

आगरा पुलिस कर रही रिहर्सल
आरआई विनोद कुमार कहते हैं कि राणा सांगा जयंती पर आगरा पुलिस किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने देगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए परेड ग्राउंड, पुलिस लाइन व विभिन्न पुलिस थानों में पिछले कई दिनों से दंगा नियंत्रण की रिहर्सल की जा रही थी। रिहर्सल के दौरान आगरा पुलिस के जवानों को भीड़ को काबू में करने, आंसू गैस के गोले छोड़ने, वाटर कैनन चलाना, घोड़े दौड़ना समेत कई तरह की ट्रेनिंग दी गई।

4500 जवान संभाल रहे कानून व्यवस्था
राणा सांगा जयंती पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आगरा में उत्तर प्रदेश पुलिस के 45 सौ जवानों को तैनात किया गया है। प्रदेश की अन्य जगहों से भी आईपीएस अधिकारियों की ड्यूटी आगरा में लगाई गई है। कानून व्यवस्था की देखरेख का जिम्मा डीसीपी सोनम कुमार को सौंपा गया है।
पुलिस छावनी में बदल गया सांसद आवास
सपा से राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन का आगरा में आवास है। सांसद ने पिछले दिनों राणा सांगा पर विवादित बयान दिया था। उधर, सनातन हिंदू महासभा की ओर से गढी रामी में रक्त स्वाभिमान रैली हो रही, जिसमें करणी सेना से जुड़े कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। कानून व्यवस्था को देखते हुए आगरा पुलिस ने सांसद रामजीलाल सुमन के घर को छावनी में तब्दील कर दिया है। घर के आस-पास बैरिकेड्स व मेटल डिटेक्टर आदि लगाए गए हैं। बिना जांच के किसी को घर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
आगरा पुलिस ने क्या-क्या मंगवाया?
आरआई विनोद कुमार कहते हैं कि 31 मार्च 2025 को चालू वित्तीय वर्ष समाप्त हुआ। ऐसे में करीब 10 लाख के बजट का इस्तेमाल सुरक्षा उपकरणों की खरीद पर किया है। 12 अप्रैल को राणा सांगा जयंती और 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती है। दोनों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1200 बॉडी प्रोटेक्टर, 1500 हेलमेट, 600 हैंड ग्रेनेड और 600 शील्ड नई मंगवाई गई है।

सांसद रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा पर क्या विवादित बयान दिया?
बीते दिनों संसद के बजट सत्र में समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा था कि मुगल शासक बाबर को भारत में आमंत्रित करने के लिए राणा सांगा जिम्मेदार थे। उन्होंने दावा किया कि राणा सांगा ने इब्राहिम लोदी को हराने के लिए बाबर को बुलाया था। इस बयान के बाद संसद में हंगामा हुआ, और सभापति जगदीप धनखड़ ने इसे सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।
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सांसद सुमन के बयान के विरोध में राजस्थान में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने प्रदर्शन किया और सुमन की जुबान काटने वाले को 5.51 लाख रुपये का इनाम घोषित किया। सुमन के आगरा स्थित आवास पर भी हमला हुआ, जिसमें तोड़फोड़ की गई।
रामजीलाल सुमन ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था, और उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया। इस विवाद के चलते आगरा की एक अदालत में सुमन और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ सिविल वाद दायर किया गया, जिसमें दावा किया गया कि बाबर को भारत में दौलतखान लोदी ने आमंत्रित किया था, न कि राणा सांगा ने।

करणी सेना चाहती सांसद मांगे माफी
मीडिया की खबरों के अनुसार करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत ने कहा कि आगरा में राणा सांगा जयंती पर गढी रामी में होने वाले कार्यक्रम के दौरान सांसद सुमन की सदस्यता समाप्त करने, करणी सेना पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लेने, सांसद पर देशद्रोह को मुकदमा चलाने की मांग रखी जाएंगी। मांगे नहीं मानने पर सांसद के घर कूच किया जाएगा।
राणा सांगा कौन थे? शरीर पर हो चुके थे 80 घाव
राणा सांगा का पूरा नाम राणा संग्राम सिंह था। वे राजस्थान में मेवाड़ के एक महान शासक और राजपूत वीर थे। सिसोदिया राजवंश से ताल्लुक रखते थे। 16वीं सदी की शुरुआत में मेवाड़ (वर्तमान राजस्थान) पर शासन करते थे। राणा सांगा को उनके शौर्य, देशभक्ति और दिल्ली के सुल्तानों व बाबर जैसे आक्रमणकारियों से संघर्ष के लिए जाना जाता है।
राणा सांगा के बारे में मुख्य बातें:
1. जन्म 12 अप्रैल 1482
वंश: सिसोदिया राजवंश
पिता: राणा रायमल
2. राणा सांगा की विशेषताएँ
राणा सांगा को राजपूत एकता का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने विभिन्न राजपूत राज्यों को एकजुट कर एक मजबूत संघ बनाया। उनके शरीर पर 80 से अधिक घावों के निशान थे और वे एक हाथ व एक आंख खो चुके थे, फिर भी वे युद्ध में डटे रहते थे।
3. राणा सांगा के प्रमुख युद्ध
राणा सांगा ने दिल्ली, गुजरात और मालवा के सुल्तानों के खिलाफ कई युद्ध लड़े और सफल भी रहे।
1527 में खानवा का युद्ध: यह उनका सबसे प्रसिद्ध युद्ध था, जिसमें उन्होंने बाबर से लड़ा। बाबर ने अपनी तोपों और आधुनिक हथियारों का उपयोग कर राणा सांगा की सेना को हराया। यह युद्ध भारत में मुगलों की स्थापना में निर्णायक साबित हुआ।
4. राणा सांगा की मृत्यु कब हुई?
माना जाता है कि खानवा युद्ध के कुछ समय बाद, राणा सांगा की मृत्यु 1528 में विषाक्तता या धोखे से ज़हर दिए जाने के कारण हुई।












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