वृद्धाश्रम पहुंचे IAS के करोड़पति बुजुर्ग पिता, बोले- बेटे नहीं करते सम्मान, पत्नी फोन पर रहती है घंटों बिजी
agra news: आगरा के रामलला वृद्धाश्राम पहुंचे 78 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी ने बताया कि मेरा बड़ा बेटा IAS है तो दूसरा बेटा बिजनैसमैन है। मेरी करोड़ों की कोठी है और बेशुमार संपत्ति है। लेकिन, कमी है तो सिर्फ सम्मान की।

Agra News: हर कोई मां-बाप चाहता है कि बुढ़ापे में बच्चे उनका सहारा बने। इसलिए वो अपने बच्चों को बड़े प्यार से पालते है और उनकी सारी इच्छा का भी ध्यान रखते है। इसके बावजूद कई बार माता-पिता को वृद्धाश्रम में जाकर रहने को मजबूर होने पड़ता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से सामने आया है।
यहां रिटायर्ड बैंक कर्मी को अपनी पत्नी और दो बेटों के होते हुए भी वृद्धाश्रम जाना पड़ गया। बता दें कि रिटायर्ड बैंककर्मी का एक बेटा आईएएस अधिकारी है तो वहीं, दूसरा बेटा बिजनेसमैन है। 78 वर्षीय रिटायर्ड बैंककर्मी शनिवार 27 मई को अपना बोरिया बिस्तर लेकर आगरा के रामलला वृद्धाश्रम पहुंचे।
78 वर्षीय बुजुर्ग को ब्रांडेड कपड़े में देखकर वृद्धाश्रम वाले भी चौंक गए। पहले तो उन्होंने सोचा कि यह बुजुर्ग आश्रम को डोनेशन देने के लिए आए होंगे। लेकिन, जब आश्रम कर्मियों ने बुजुर्ग की पीड़ा सुनी तो उनकी आंखों से भी आंसू बहने लगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुजुर्ग ने आश्रम कर्मियों को बताया कि मेरे ही घर में मुझको अपमानित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि मेरा बड़ा बेटा आईएएस अधिकारी है तो दूसरा बेटा बिजनैसमैन है। मेरी करोड़ों की कोठी है और बेशुमार संपत्ति है। लेकिन, कमी है तो सिर्फ सम्मान की। कोई मुझसे ठीक तरीक से बात तक नहीं करता। पत्नी भी है वो इस उम्र में भी मोबाइल पर बिजी रहती, कुछ बोलो तो झगड़ा करती है।
छोटा बेटा भी लाखों रुपए लेकर अलग हो गया औऱ वो मुझसे बात तक नहीं करता। वहीं, बड़ा बेटा आईएएस है वो उन्हें कभी देखने तक नहीं आता। हां,जब कभी बात करता है या घर आता है तो अपमानित करता है। उन्होंने कहा कि मैं उस दर्द को बयां भी नहीं कर सकता।
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कहा कि मेरी पत्नी भी दिनभर मोबाइल में बिजी रहती है। मेरी सुनती नहीं है अगर कुछ बोलों तो मुझे झगड़ा करती ही। गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करती है। मैं इस कदर टूट गया हूं कि मेरा करोड़ों की कोठी में रहना भी दुश्वार हो गया है। उन्होंने बताया कि मैं सेंट्रल बैंक मैनेजर था और वीआरएस लिया था ताकि बच्चों के साथ रह सकू।
उन्होंने बताया कि मैंने ऐसा कभी अपने सपने में भी नहीं सोचा था कि बीआरएस लेने के बाद मेरी हालत ऐसी हो जाएगी। वहीं, वृद्धाश्राम के संचालक शिव प्रसाद शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने आवेदन पत्र में बेटों औऱ पत्नी पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।













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