इलाहाबाद में 39 दिन तक डूबे रहे 'लेटे हनुमान'
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में इस साल गंगा के तटीय इलाके में बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई। संगम नगरी इलाहाबाद में विश्वविख्यात 'लेटे हनुमान' करीब डेढ़ महीने तक गंगा नदी की बाढ़ के पानी में डूबे रहे। बाढ़ का पानी पीछे हटने के बाद अब लेटे हनुमान के भक्तों को फिर से उनके दर्शन और पूजन-अर्चन का अवसर मिल सका है।
गंगा नदी के तट पर त्रिवेणी के नजदीक स्थित इस प्राचीन हनुमान मंदिर के बारे में मिथक है कि बजरंग बली की यह इकलौती प्राचीन प्रतिमा है जो लेटी मुद्रा में है। इलाहाबाद में गंगा में आई भीषण बाढ़ के पानी में लेटे हनुमान का मंदिर पूरी तरह से डूब गया था, और 39 दिन के बाद बाढ़ कम होने पर शुक्रवार को मंदिर और गर्भगृह के भीतर की सफाई की जा सकी।
मंदिर के व्यवस्थापक महंत आनंद गिरि ने बताया कि लेटे हुए हनुमान मंदिर में आरती-पूजन से पहले पूरी तरह से गर्भगृह और मंदिर की साफ-सफाई की गई। 40वें दिन शनिवार को विधिवत उनकी पूजा, आराधना और आरती शुरू हुई और श्रद्धालुओं ने फिर से उनके दर्शन किए।
गिरि ने बताया कि यह पहला ऐसा अवसर रहा होगा जब लेटे हुए हनुमान गंगा नदी की बाढ़ के पानी में पूरे 39 दिनों तक डूबे रहे। आमतौर पर गंगा का जलस्तर बढ़ने पर दस से पंद्रह दिन में मंदिर से बाढ़ का पानी लौट जाता था।
इस साल इलाहाबाद में गंगा और यमुना नदियों के उफनाने से आई बाढ़ में संगम और महाकुंभ मेला क्षेत्र के अलावा शहर के करीब एक दर्जन तटवर्ती मुहल्ले जलमग्न हो गए थे। इन मुहल्लों में पांच से दस मीटर पानी भर गया था। कई सालों बाद यह पहला मौका था जब गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर करीब 15 दिन तक लगातार खतरे के निशान से ऊपर रहा। इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

बाढ़ इतनी भीषण
बाढ़ इतनी भीषण थी कि गंगा नदी के पानी को रोकने के लिए दारागंज और अल्लापुर के किनारे-किनारे बनाए गए करीब दो किलोमीटर लंबे बक्शी बांध का एक हिस्सा टूट गया था। हालात इतने बिगड़ गए थे कि मदद के लिए सेना बुलानी पड़ी।

हनुमान को आवरण
गिरि बताते हैं कि बाढ़ से पहले गंगा नदी के जल से अभिषेक और फिर आरती के बाद लेटे हनुमान को भगवा चादर का आवरण दे दिया गया था। घंटा-घड़ियाल के साथ गर्भगृह में रखी छोटी प्रतिमा को लेटे हनुमान की प्रतिमा से स्पर्श कराके त्रिवेणी बांध स्थित खड़े हनुमान मंदिर में ले जाकर स्थापित कर दिया गया था। बाढ़ के दौरान वहीं पर पूजा की जाती रही।

39 दिन बाद दर्शन
लेटे हनुमान के भक्त अब 39 दिन बाद फिर से अपने इष्ट के दर्शन करने का मौका पाकर गदगद हैं।

हर रोज दर्शन
कल्याणी देवी मुहल्ला निवासी पवन कुमार ने कहा, "मैं हर रोज दारागंज स्थित दुकान खोलने जाने से पहले लेटे हनुमान जी के दर्शन करता हूं। मेरी इनमें अपार श्रद्धा है, लेकिन बाढ़ की वजह से मुझे अपने बजरंग बली के दर्शन नहीं हो पा रहे थे। अब बाढ़ का पानी लौटने के बाद मैं उनकी पूजा-अर्चना करके बहुत हर्ष महसूस कर रहा हूं।"

बाढ़ का पानी
अलोपीबाग निवासी ओम प्रकाश ने कहा, "मैं प्रतिदिन देखने आता था कि बाढ़ का पानी मंदिर से लौटा या नहीं। लेटे हनुमान के दर्शन करने के लिए मुझे 39 दिन इंतजार करना पड़ा।"












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