कौन है यासिन भटकल जो इंजीनियर से बना आतंकी
नई दिल्ली। पिछले पांच साल की कड़ी मेहनत और लगन के साथ आखिरकार नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को बड़ी सफलता बुधवार की रात तब मिली, जब नेपाल बॉर्डर पर आतंकवादी यासिन भटकल उसके हत्थे चढ़ा। यासिन भटकल की गिरफ्तारी की पुष्टि केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी की है। लेकिन मात्र 30 साल के इस आतंकी के बैकग्राउंड पर एक नज़र डालें, तो शायद आपकी आंखें भी खुली की खुली रह जायेंगी। जी हां, जो आतंकी अपने आतंकी मास्टरमाइंड के लिये चर्चा का विषय है, वो कभी इंजीनियरिंग का छात्र था।
भटकल भारत की मोस्ट वॉन्टेड की सूची में तब आया, जब उसने जयपुर, अहमदाबाद, दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, सूरत आदि शहरों में धमाकों की साजिश रची। एनआईए ने उस पर 10 लाख रुपए का ईनाम भी रखा था। यासिन भटकल पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसे गंभीर आरोप हैं। यह आरोप इससे पहले अजमल कसाब और अफजल गुरु जैसे आतंकवादियों पर लग चुके हैं।

पुणे में 13 लोगों को मौत की नींद सुनाने वाला भटकल कभी होनहार छात्र हुआ करता था। भटकल का पूरा नाम सैयद अहमद जरार सिद्धिबाप्पा है, जिसने कर्नाटक के भटकल से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। एक बार पहले भी भटकल को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में जमानत पर छोड़ दिया था। उसने आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिये अकेले नहीं बल्कि अपने भाई रियाज़ और इकबाल भटकल का भी सहयोग लिया।
रियाज भी इंडियन ममुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य है, जो इस समय पाकिस्तान के कराची शहर में रहता है। उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का संरक्षण मिला हुआ है, वहीं इकबाल भटकल भी कराची में ही है। उस पर भी बैंगलोर बम धमाके में साजिश रचने के आरोप हैं।












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