IIT मुंबई और NIT हिमाचल प्रदेश ने जीते 2013 के आईईटी इंडिया स्कालरशिप अवार्ड

नयी दिल्ली। द इन्स्टीच्यूशन आफ इंजीनीयरिंग एंड टेक्नालाजी (आईईटी) ने इंडिया स्कालरशिप अवार्ड (भारत छात्रवृत्ति पुरस्कार) 2013 के पहले संस्कारण के विजेताओं के नाम घोषित किए। आईआईटी मुंबई के सुहास विधाते ने जनरल श्रेणी व सिद्धा गंजू ने महिला श्रेणी में विजय हासिल की। संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डीपी अग्रवाल ने विजेताओं को सम्मानित किया व उन्हें आईईटी की प्रतिष्ठित छात्रवृत्ति व एक प्रमाण पत्र भेंट किया। आईईटी इंडिया स्कालरशिप अवार्ड के इस प्रथम संस्कारण में भारत भर से लगभग 500 छात्रों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता चार स्तरों पर करवाई गई। पहले स्तर पर प्रतियोगियों के पात्रता के आधार पर छांता गया। दूसरे स्तर में छात्रों को एक परीक्षा से गुज़रना था, जिसमें उन्हें शैक्षिक कुशलता एवं पाठ्येतर व आउटरीच गतिविधियों के आधार पर आंका गया। तीसरे स्तर के क्षेत्रीय राउंड में छात्रों समाज को प्रभावित करने वाले मसलों के लिए तकनीकी समाधान खोजने को कहा गया। समाधान ऐसे होने आवशयक थे जो आमूल, सामाजिक रूप से स्वीकार्य एवं आर्थिक व तकनीकी रूप से व्यवहार्य हों। राष्ट्रीय अंतिम राउंड के लिए 8 फाईनलिस्ट को चुना गया, जो 23 अगस्त 2013 को नई दिल्ली में कराया गया।

 India Scholarship Awards 2013.

उन्हें न सिर्फ उनके तकनीकी ज्ञान व समस्या सुलझाने की क्षमता पर आंका गया, परंतु इस आशय पर भी कि उनमें अगली पीढ़ी के नायक बनने के कितने गुण मौजूद हैं। यह फाईनलिस्ट आईआईटी कानपुर, ऐनआईटी रूरकेला, दुर्गापुर व हिमाचल प्रदेश य आरवी कालेज आफ इंजीनियरिंग, व एमऐस रमाईयाह तकनीकी संस्थान बंगलूरु व कालेज आफ इंजीनीयरिंग, पुणे से सम्बद्ध रहे। इस मौके पर बोलते हुए आईईटी इंडिया के निदेशक व राष्ट्र प्रमुख श्री शेखर सान्याल ने कहा कि मैं विजेताओं को अद्भुत इंजीनियरिंग और नेतृत्व क्षमता द्दर्शाने के लिए बधाई देता हूं।

इंजीनियरिंग हमारे दैनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है य आईईटी भारत में इंजीयरिंग की प्रतिभा को निखारने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि यहाँ की प्रतिभाएं विश्व स्तर पर आ सकें। इस प्रकार के प्रयास आकांक्षी इंजीनियरों को मान्यता और प्रेरणा देंगे कि वे अपने करीयर में अपना व देश का नाम रोशन करे। आईआईटी कानपुर के उन्नत जैन व नैशनल इन्स्टीच्यूट आफ टेक्नालाजी (ऐनआईटी) दुर्गापुर की अंकना धर जनरल व महिला श्रेणी में क्रमशरू दूसरे स्थान पर रहे।

आईईटी के विषय में

140 वर्ष पूर्व स्थापित आईईटी विश्व में इंजीनियरी व तकनीकी समुदाय की एक अग्रणी पेशेवर संस्था है। इसके पास 127 देशों में 1.5 लाख से अधिक सदस्य हैं, और 37 देशों में सक्रिय नेटवर्क भी। भारत में आईईटी के पास 5000 से अधिक सदस्य हैं, और यहाँ संस्था का ध्यान ऊर्जा, सूचना व संचार, यातायात व निर्मित पर्यावरण क्षेत्रों पर केन्द्रित हैं। इसके लक्ष्य का एक अहम भाग है प्रतिभाओं को पहचानना व उन्हें पुरस्कृत करना, जो यह अपने चार पारितोषिक कार्यक्रमों द एंबीशन अवार्ड, अचीवमेंट अवार्ड, नवोन्मेष या इन्नोवेशन अवार्ड व यंग वुमन इंजीनियरिंग अवार्ड के ज़रिये करते हैं।

आईईटी इंडिया स्कालरशिप अवार्ड आईईटी एंबीशन अवार्ड का भाग है, जिसमें शामिल हैं अधोस्नातक व स्नातकोत्तर स्कालरशिप, प्रतियोगिताएँ व यात्रा पुरस्कार य इन सब का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक युवा इंजीनियरिंग व तकनीक के पेशे से जुड़ेंय साथ ही एक अन्य लक्ष्य है विश्वविद्यालय के जरिए छात्रों को वित्तीय अनुदान उपलब्ध करवाना।

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