तनाव के बावजूद भारत-पाक व्यापार जारी

इसके साथ ही जहां भारत घरेलू बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए आयात के बारे में विचार कर रहा है, वहीं भारतीय व्यापारियों ने पाकिस्तानी व्यापारियों से भारत को प्याज के निर्यात की अनुमति ले कर तैयार रहने के लिए कहा है, जिस पर पाकिस्तान में अभी रोक है। यहां तक कि जम्मू एवं कश्मीर में नियंत्रण रेखा के आर-पार भी व्यापार थोड़े धीमे सही लेकिन जारी है।
अटारी-वाघा सीमा के आर-पार व्यापार और आवागमन में वृद्धि को देखते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सीमा प्रबंधन प्रणाली स्थापित करने के लिए एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से सहायता मांगी है। पाकिस्तान की रपटों के मुताबिक इसका मकसद वस्तुओं और लोगों के सीमा के आर-पार जाने की प्रक्रिया को तेज करना और इंतजार की अवधि घटाना है।
भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार मुख्त: मुंबई और कराची समुद्री मार्ग तथा अटारी-वाघा सड़क मार्ग से होता है। भारत सरकार ने कहा है कि पिछले कुछ महीने से संघर्ष विराम के उल्लंघन और सैनिकों की हत्या की घटनाओं के बाद भी दोनों ओर से व्यापार सामान्य तौर पर जारी है।
वाणिज्य राज्य मंत्री डी. पुरंदेश्वरी ने बुधवार को संसद में कहा था, "दोनों ओर द्विपक्षीय व्यापार में काफी प्रगति हुई है। पाकिस्तान ने सकारात्मक सूची की जगह नकारात्मक सूची अपना लिया है, जिससे भारत के साथ व्यापार योग्य वस्तुओं की संख्या बढ़ गई है। भारत ने भी पाकिस्तान से या पाकिस्तान को निवेश पर रोक हटा ली है।"
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले वर्ष कुल व्यापार 235.109 करोड़ डॉलर का रहा, जो इससे पिछले साल के 194.276 करोड़ डॉलर से काफी अधिक है। तस्करी और अनौपचारिक व्यापार से हर साल दोनों सरकारों को राजस्व का भारी घाटा हो रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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