बाबरी विध्वंस को लेकर मुलायम ने खेला 'मुस्लिम कार्ड'
नई दिल्ली। आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन को सही ठहराकर सवालों के घेरे में आये सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने एक और विवादित बयान दिया है। जनेश्वर मिश्र की जयंती के मौके पर बोलते हुए उन्होने कहा कि बाबरी मस्जिद के ढ़ाचे को गिराये जाने की जानकारी पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा को भी थी। हमने उनसे मिलकर हिंदू संगठनों द्वारा ढ़ाचें को गिराये जाने की योजना की जानकारी दी थी, जिस पर उन्होने पहले तो इधर उधर देखा और फिर कहा कि यह जानकारी गोपनीय रहे। मुलायम ने तो यहां तक दावा किया कि राष्ट्रपति खुद चाहते थे कि मस्जिद का ढ़ाचा गिराया जाये।
मुलायम ने कहा कि इस पूरे मसले को लेकर वह एक किताब भी लिखने वाले थे लेकिन ऐसा करने से उन्हें मना किया गया क्योंकि ऐसा होने पर कई चेहरे बेनकाब हो जाते। राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि मुलायम मुस्लिम वोट बैंक पाने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।

वहीं यह बयान ऐसे समय में दिया गया है जब आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है। दुर्गा के निलंबन के मामले में अखिलेश सरकार ने तर्क दिया है कि दंगे भड़कने की संभावना के कारण आईएएस का निलंबन किया गया है। वहीं यूपी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने इलाके का दौरा किया और कहा कि दुर्गा ने मस्जिद दीवार नहीं गिरवाई थी, बल्कि वह तो भू माफिया और सैंड माफियाओ पर लगाम लगाना चाहती थी, जिसके कारण ही इन माफियाओं ने सरकार के साथ मिलकर उनका तबादला करवा दिया।
वक्फ बोर्ड ने खुद जमीन को भू माफियाओं से मुक्त कराने के लिए दुर्गा शक्ति की तारीफ की थी। वक्फ बोर्ड की तरफ से क्लीन चिट मिलने से सपा सरकार की मुश्किलें बढ़ गयी हैं।












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