कश्‍मीरी लड़की को नहीं मिला पासपोर्ट, क्‍योंकि चाचा थे आतंकी

बुडगाम। जम्‍मू-कश्‍मीर एक अनाथ लड़की अमेरिका जाना चाहती है, ताकि वो वहां जाकर उच्‍च शिक्षा ग्रहण कर सके। इस‍के लिये उसे अमेरिका की एक शिक्षण संस्‍था की ओर से छात्रवृत्ति भी मिली है, लेकिन उसे पासपोर्ट नहीं दिया जा रहा है, क्‍योंकि उसके चाचा आतंकवादी थे, वो भी तब जब वो पैदा भी नहीं हुई थी।

यह अजब दास्‍तां उस कश्‍मीर की है, जहां की लड़कियां आगे बढ़ना चाहती हैं, लेकिन तमाम परिस्थितियों की वजह से रह जाती हैं। एक लड़की को मौका मिला तो उसका देश ही उसका दुश्‍मन बन गया। कश्‍मीर की किशोरी सुफारिया जन अनाथ बच्‍ची है, जो बुडगाम के एक अनाथालय में रहती है। उसे भारत-अमेरिका यूथ एक्‍सचेंज स्‍टडी प्रोग्राम के तहत अमेरिका में पढ़ने का मौका मिला है। उसे अगस्‍त के दूसरे सप्‍ताह में ही यहां से रवाना होना है।

Kashmiri girl gets US scholarship, denied passport

सुफारिया ने अमेरिकी दूतावास के सभी इंटरव्‍यू क्लियर कर लिये हैं। सुफारिया अनाथालय की बाकी लड़कियों के लिये प्रेरणा का स्रोत है। लेकिन भारत सरकार ने अभी तक उसे पासपोर्ट नहीं दिया, जबकि उसने कई महीने पहले ही पासपोर्ट के लिये अप्‍लाई किया था।

सुफारिया को उस समय धक्‍का लगा, जब पासपोर्ट ऑफिस से यह लिखकर आया कि क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक किया गया, जिसमें पाया गया कि उसके चाचा आतंकवादी थे और उन्‍होंने 1995 में पुलिस के सामने सरंडर किया था, तब सुफारिया पैदा तक नहीं हुई थी।

सरकार के जवाब से परेशान सुफारिया ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपना दर्द बयां किया और कहा कि सरकार को यह समझना चाहिये कि मेरे चाचा पहले आतंकवादी थे, आत्‍मसमर्पण करने के बाद वो अब सामान्‍य जीवन व्‍यतीत कर रहे हैं। सुफारिया अब इस सिलसिले में मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला से मिलेगी।

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