फारुख अब्दुल्ला ने उड़ाया गरीब का मज़ाक- 1 रुपए में भरेंगे पेट
नयी दिल्ली। कांग्रेस के नेता इन दिनों देशवासियों को खाली की थालियों के रेट बताने में जुटे हुए है। कोई इसकी कीमत 5 रुपए बता रहा है तो इसकी कीमत 12 रुपए आंक रहा है। हद तो तब हो गई जब कैबिनेट मंत्री फारुख अब्दुल्ला ने पेटभर खाने की कीमत आज के जमाने में 1 रुपए बता दी। दरअसल मंहगाई के इस दौर में योजना आयोग ने एक्सपर्ट कमिटी के सुझाए मापदंडों के आधार पर गरीबी का नया पैमाना तय किया है।
योजना आयोग के मुताबिक गांवों में प्रति व्यक्ति 26 की जगह 27.2 और शहरों में 32 की जगह 33.3 रुपये से ज्यादा खर्च करनेवाले गरीब नहीं कहलाएंगे।योजना आयोग की सिफारिश के स्पॉट में कांग्रेस का एक पूरा खेमा उतर आया है पहले फिरोजाबाद से कांग्रेस के सांसद राज बब्बर ने इसका समर्थन किया और कहा कि मुंबई जैसे शहर में 12 रुपए में पेट भरा जा सकता है। कांग्रेस को लगा शायद इतना काफी नहीं होगा।

कांग्रेस की ओर से दूसरी बार बयान देने के लिए कांग्रेस नेता रशिद मसूद सामने आए। राशिद मसूद ने दिल्ली में पेट भर खाने की कीमत 5 रुपये बताई। इन दोनों की कीमतों से भी कांग्रेस को लगा कि शायद जनता का भरोसा जीताना मुश्किल होगा तो मैदान में कैबिनेट मंत्री फारिख अब्दुल्ला को उतारा गया। फारूक अब्दुल्लाह का कहना है कि इस देश में अगर इच्छा हो तो 1 रुपये में ही भरपेट खाना मिल जाता है। उनकी माने तो एक इंसान एक रुपए में भी खा सकता है और सौ रुपए में भी। निर्भरता इस बात की होती है कि वो क्या खाने की इच्छा रखता है।
एसी के कमरों में बैठने वाले इन नेताओं के कौन बताएंगी कि उनकी बयानबाजी से ललोगों का पेट भरने वाला नहीं है। सच्चाई है कि आज प्याज 40 रुपए किलों मिल रही है और सरकारी आंकड़ा 27 रुपए कमाने वालों को गरीब मानने को तैयार नहीं। शायद इसी लिए योजना आयोग के गरीबी के आंकड़ों के बचाव में कांग्रेस के नेता तो बेतुके बयान दे ही रहे थे। फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि पेट तो 1 रुपया में भी भरा जा सकता है बस इच्छा होनी चाहिए। हालांकि, फारूक ने यह नहीं बताया कि 1 रुपये में भरपेट खाने की इच्छा कैसे पूरी की जा सकती है। 1 रुपया वाला खाना कहां मिलता है।












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