यूपी में बाढ़ का कहर बदस्तूर जारी, हजारों लोग बेघर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद उफनाई गंगा, यमुना, घाघरा, शारदा, राप्ती, सरयू, कुआनों नदियों द्वारा तटवर्ती इलाकों में तबाही जारी है। बाढ़ से एक दर्जन से ज्यादा जिलों की करीब 30 तहसीलों के हजारों लोग बेघर हो गए हैं। आपदा नियंत्रण कक्ष के मुताबिक प्रदेश में कुछ नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं तो कुछ खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। शारदा नदी लखीमपुर खीरी में खतरे के निशान से 160 सेंटीमीटर, घाघरा बहराइच में 65 सेंटीमीटर और बाराबंकी में 626 सेंटीमीटर, सरयू अयोध्या में 23 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
गंगा नदी का जलस्तर बुलंदशहर, कन्नौज, फरुखाबाद, कानपुर, रायबरेली, मिर्जापुर, वाराणसी बलिया और इलाहाबाद में खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है तो सहारनपुर, इटावा, औरैया, मुजफरनगर हमीरपुर, बांदा और इलाहाबाद में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज और मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में आने वाले दिनों में नदियों का जलस्तर और बढ़ने का खतरा है।

नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों के मुताबिक प्रभावित इलाकों में राहत व बचान कार्य जारी है। जिन इलाकों में बाढ़ की तबाही ज्यादा है वहां प्रांतीय सशस्त्र बल (पीएसी) की मदद ली जा रही है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर शिविरों में ठहराने की व्यवस्था की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ राहत शिविरों में नाश्ता, भोजन, पीने का पानी और चिकित्सा के पर्याप्त इंतजाम हैं। जिन इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश होने की आशंका है। उन इलाकों के लोगों को सचेत करके हालात की निगरानी की जा रही है। इस साल बाढ़, वर्षा और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से अब तक 151 व्यक्तियों और 299 पशुओं की मौत हो चुकी है।












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