तमिलनाडु मिड-डे मील से बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 192 हुई
नयी दिल्ली। पहले बिहार और अब तमिलनाडु। मिड डे मील बच्चों के लिए मौत बनती जा रही है। जहरीला मिड डे मील बच्चों की जिंदगियां खत्म कर रहा है। सरकारी योजना के तहत हर सरकारी स्कूल में बच्चों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन अब यहीं योजना बच्चों के लिए काल बनती जा रही है। बिहार के छपरा में जहरीले मिड डे मील ने जहां 23 बच्चों की जिंदगी छीन ली तो वहीं अब तमिलनाडु में विषाक्त मध्याहन भोजन खाने से 192 बच्चे बेहोश हो गए।
तमिलनाडु के नेवेली स्थित एक सरकारी स्कूल में मध्याहन भोजन योजना के तहत परोसा गया भोजन खाने के बाद 192 बच्चे बीमार हो गए। नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन द्वारा संचालित बालिका हाईस्कूल की सातवीं और आठवीं कक्षा की 192 छात्राओं के खाना परोसा गया।

खाने में अंडा भी शामिल था। इसे खाने के बाद सभी छात्राएं बीमार पड़ने लगी है। उन्हें उल्टियां आने लगी। छात्राओं को फौरन एनएलसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के डॉक्टरों ने छात्राओं के खतरे से बाहर बताया है। दरअसल जहरीला खाना काने के बाद जैसे ही छात्राओं के उल्टियां आने लगी भोजन परोसना फौरन बंद कर दिया गया, वरना बीमार छात्राओं की संख्या और बढ़ सकती थी।
गौरतलब है कि बिहार के छपरा में मध्याहन भोजन करने के बाद 23 बच्चों की मौत हो गई। बच्चों की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया और बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। छपरा के अलावा मधुबनी में भी मिड डे मील खाने से बच्चों के बीमार पड़ने की खबर है।












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