बोधगया ब्लास्ट: म्यांमार में हुए मुस्लिमों पर हमले का परिणाम तो नहीं?
गया। बिहार में विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में प्रतिदिन देश-विदेश के हजारों लोग शांति और सुकून पाने आते हैं, मगर रविवार सुबह मंदिर परिसर श्रृंखलाबद्ध 9 विस्फोटों से थर्रा उठा। इस धमाके में 7 लोगों के घायल होने की खबर है जिसमें से 2 की हालत बेहद ही नाजुक बताई जा रही है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इस हमले को आतंकी हमला बताया है और सभी बौद्ध तीर्थस्थलों की सुरक्षा के संबंध में विशेष निर्देश जारी किये हैं। वहीं आईबी सूत्रों के मुताबिक, हमले का संबंध म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों और बौद्धधर्मियों के बीच हुई हिंसा से हो सकता है।
मालूम हो कि बिहार की राजधानी पटना से मात्र 100 किलोमीटर दूर गया से सटे बोधगया में प्रतिवर्ष लाखों देसी और विदेशी पर्यटक आते हैं। बोधगया एक छोटा सा शहर है। मान्यता है कि बोधगया में बोधिवृक्ष के नीचे तपस्या कर रहे गौतम बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ था। इस कारण इसे 'ज्ञानस्थली' भी कहा जाता है। बोधगया बौद्धधर्म के अनुयायियों के लिए काफी महत्वपूर्ण स्थान है। महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति के सचिव दोरजी ने कहा कि मंदिर परिसर में चार विस्फोट हुए हुए। सौभाग्य से बोधिवृक्ष और महाबोधि मंदिर के ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

धमाके के बाद किसने क्या कहा?
नरेंद्र मोदी- महाबोधि मंदिर पर हमला कायरतापूर्ण है! यह भारतीयों और दुनिया भर के बौद्ध समाज के लिए बड़े दुख का मौका है।
लालू यादव- अहिंसा और शांति के प्रतीक भगवान बुद्ध ने जहां निर्वाण प्राप्त किया, वहां हिंसा होना बेहद दुखद है। आईबी के अलर्ट के बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। कड़ी आलोचना करता हूं। राज्य सरकार को जिम्मेदारी लेनी होगी।
रविशंकर प्रसाद- देश पर माओवादियों और आतंकवादियों का खतरा है। खुफिया एजेंसियों की सूचना के बावजूद अगर ऐसे हमले हो रहे हैं तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
गृह मंत्रालय- मंदिर के ढांचे को कोई नुकसान नहीं हुआ है। मोनेस्ट्री और भगवान बुद्ध की मू्र्ति सुरक्षित है। डीजीपी मौके पर मौजूद हैं, एनएसजी की टीम धमाके की समीक्षा करेगी।
बाबा रामदेव- केंद्र सरकार देश को सुरक्षा देने में नाकाम है।
आरपीएन सिंह (गृह राज्य मंत्री)- घटना के पीछे आंतकवादी हैं। एनआईए की टीम घटनास्थल के लिए भेजी गई है। आईबी ने बिहार सरकार को ऐसी घटना के बारे में अलर्ट जारी किया था। अब तक किसी संगठन ने घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
हरि मांझी (सांसद, गया)- केंद्र और राज्य सरकार को मालूम था कि इस तरह की घटना हो सकती है। दिल्ली से पकड़े गए माओवादियों ने पूछताछ में यह बात बताई थी। इसके बाद भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए।












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