2014 में सबसे बड़े गठबंधन के रूप में उभरेगा NDA
नई दिल्ली। भले ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाये जाने पर एनडीए में फूट पड़ गयी हो, पर जो सर्वे के परिणाम आ रहे हैं, वह यही कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव 2014 में एनडीए सबसे बड़े दल के रूप में सामने आएगा। 'द वीक' द्वारा करवाये गये सर्वे में जो आंकड़े आये हैं, उनके अनुसार एनडीए को 197 सीटें, यूपीए को 184 सीटें और अन्य दलों को 162 सीटें प्राप्त होंगी। बताया जा रहा है कि यूपीए का मत प्रतिशत 37.2 से 31.7 फीसदी हो जायेगा, जबकि एनडीए के मत प्रतिशत में बढ़ोत्तरी के साथ यह 23.3 से 26.7 फीसदी हो जायेगा। इसके अलावा अन्य दलों की हिस्सेदारी 2009 के 39.5 से बढ़कर 41.6 हो जायेगी।
सर्वे में पाया गया कि 32 फीसदी लोग मानते हैं कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति होंगें। जबकि 15 फीसदी लोग मनमोहन सिंह को और 13 फीसदी लोग राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। सोनिया गांधी को पीएम पद दिये जाने का आठ फीसदी लोग समर्थन करते हैं। वहीं लाल कृष्ण आडवाणी, मायावती को पांच फीसदी और मुलायम सिंह को को चार फीसदी, नीतीश कुमार, ममता बनर्जी को तीन फीसदी लोगों ने बेहतर प्रधानमंत्री बताया।

सर्वेक्षण में जब भाजपा में पीएम के रूप में सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति की बात की गई तो 56 फीसदी लोगों ने मोदी को बेहतर प्रधानमंत्री बताया, 15 फीसदी ने लालकृष्ण आडवाणी, दस फीसदी ने सुषमा स्वराज, चार फीसदी ने राजनाथ सिंह और तीन फीसदी ने नितिन गडकरी को पीएम पद के लिए उपयुक्त माना। वहीं कांग्रेस पार्टी में राहुल गांधी को 39 फीसदी मनमोहन सिंह को 25 फीसदी और सोनिया गांधी को 18 फीसदी लोग पीएम पद पर देखना चाहते हैं। जबकि पांच फीसदी लोगों के लिए पी चिदंबरम और तीन फीसदी लोगों के लिए ए के एंटनी इस पद के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति हैं। तीसरे मोर्चे के बहुमत में आने पर 19 फीसदी लोग नीतीश कुमार चौदह फीसदी लोगों ने मायावती और ममता बनर्जी का समर्थन किया।
चुनाव में यह भी सामने आया है कि 60 फीसदी लोग मानते हैं कि राजनीतिक दलों को चुनाव से पहले ही प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर देना चाहिए। चुनाव मुद्दों के बारे में 21 फीसदी लोगों का कहना है कि गरीबी प्रमुख मुद्दा होगा, जबकि 17 फीसदी लोगों का मानना है कि पानी, बिजली और सड़कें प्रमुख मुद्दा होंगी, महंगाई को चुनावी मुद्दे के रूप में सिर्फ 13 फीसदी लोगों ने अपनी राय दी। सर्वेक्षण में 74 फीसदी लोगों ने माना चुनाव निर्धारित समय पर ही होने चाहिए जबकि 19 फीसदी लोग चाहते हैं कि चुनाव पहले हों।












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