इशरत जहां मामले में आईबी और एनआईए में विवाद बढ़ा

वहीं आईबी ने सीआईए पर आरोप लगाये हैं कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आतंकी हेडली से पूछताछ के बाद जो 119 पन्नों की रिपोर्ट बनायी थी, उसमें इशरत जहां से जुड़े दो पैराग्राफ हटा दिये गये थे। गौरतलब है कि एनआईए की टीम ने 2010 में 3 से 9 जून के बीच हेडली से 34 घंटे पूछताछ की थी।
रिपोर्ट में इशरत से जुड़े मामले को हटाने के बारे में एनआईए का कहना है कि हेडली ने इशरत के बारे में जो कुछ भी कहा था वह सुनी सुनाई बातों पर ही आधारित था। उसका कोई ठोस आधार नहीं है, इसलिए यह सबूत के तौर पर मान्य नहीं है।
देश की दोनों एजेंसियों के बीच हो रही खींचतान के बारे में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है कि इस मामले में जो सूचनाएं आ रही हैं वह सिर्फ भ्रम ही पैदा कर रही हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ठीक नहीं हैं। उन्होने गृहमंत्रालय से अपील की है कि मंत्रालय इस मामले में स्पष्ट करे कि हेडली ने इशरत के आतंकी रिश्तों की बात कही थी या नहीं।












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