केरल का हाउस बोट बना सेक्स टूरिज्म का अड्डा
बैंगलोर। अपनी हरी भरी वादियों और हाउस बोट के कारण प्रसिद्ध केरल में पर्यटन की आंड़ में क्या क्या होता है, यह अभी तक छिपा हुआ था लेकिन समाचार पत्र डेक्कन क्रॉनिकल में आयी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि लोगों के आकर्षण का केंद्र हाउसबोट 'सेक्स का एक बड़ा और सुरक्षित' अड्डा बन चुके हैं। जहां बड़े पैमाने पर सेक्स रैकेट चलाये जा रहे हैं। जिसके कारण इसे 'सेक्स टूरिज्म' नाम दिया जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां चलाया जा रहा सेक्स रैकेट तीन महिलाओं जेसी, जीनत और शेहना द्वारा संचालित है। इन महिलाओं ने अपना काम निकलवाने के लिए ऐसे लड़कों को रखा है जो कि कॉलेज और स्कूल के सामने घूमते पाये जाते हैं। ये लड़कियों को बहला फुसला कर अपने बॉस से मिलवाते हैं। जिसके बाद ये महिलाएं जरूरत और राष्ट्रीयता की मांग के अनुसार लड़कियां उपलब्ध करवाती हैं। इस रैकेट के अन्तर्गत काम करने वाली एजेन्सियां डील में हुए आर्थिक लाभ का पचास फीसदी हिस्सा लेती हैं।
एक सेक्स वर्कर ने बताया कि रैकेट चलाने वाली तीनों महिलाएं बड़ी अनुभवी हैं। इनमे प्रमुख जीनत ने राज्य में कई अचल सम्पत्तियां भी खरीद ली है और इनके कई प्रभावशाली लोगों के साथ संबंध है। 2006 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की देखरेख में नई दिल्ली की एक संस्था 'इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंस' के 'ट्रैफिकिंग इन वूमेन एंड चिल्ड्रेन इन इंडिया' नाम से किये गये सर्वे में यह सामने आया कि केरल के Alappuzha में बच्चों से सेक्स की सबसे ज्यादा घटनाएं होती हैं।

तीन महिलाएं चलाती है रैकेट
एक सेक्स वर्कर ने बताया कि रैकेट चलाने वाली तीनों महिलाएं बड़ी अनुभवी हैं। इनमे प्रमुख जीनत ने राज्य में कई अचल सम्पत्तियां भी खरीद ली है और इनके कई प्रभावशाली लोगों के साथ संबंध है। 2006 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की देखरेख में नई दिल्ली की एक संस्था 'इंस्टीट्यूट आफ सोशल साइंस' के 'ट्रैफिकिंग इन वूमेन एंड चिल्ड्रेन इन इंडिया' नाम से किये गये सर्वे में यह सामने आया कि केरल के Alappuzha में बच्चों से सेक्स की सबसे ज्यादा घटनाएं होती हैं।

पैसे की चाहत के कारण लड़कियां बनती हैं सेक्स वर्कर
यहां पर देश विदेश के पर्यटक आते हैं जो कि हाउसबोट किराये पर लेते हैं। एक हालिया घटना में पता चला है कि लड़कियां इसमें पैसे की चाहत के कारण आसानी से आ जाती है। एक बीस वर्षीय युवती का कहना है कि उसे कई लड़कों ने फुसलाकर इस काम में धकेला और जेसी द्वारा एक व्यक्ति को तीन दिन के लिए 45000 रूपयों में बेच दिया गया।

पैसे की चाहत के कारण लड़कियां बनती हैं सेक्स वर्कर
जीनत और शेहना ने उस युवती को उस व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद की। इस डील के तहत 35000 रूपये इन तीन महिलाओं ने आपस में बांट लिये और युवती को 10,000 रूपये दिये। इस बात का पता तब चला जब पट्टनामठिट्टा जिले के अदूर की इस युवती ने एक दिन बाद उस व्यक्ति के पास से भागने की कोशिश की। यह
एकमात्र घटना नहीं है, कई पर्यटकों को हाउसबोट पर लड़कियों की सप्लाई की जाती है।

हाउसबोट
इस बात का पता तब चला जब पट्टनामठिट्टा जिले के अदूर की इस युवती ने एक दिन बाद उस व्यक्ति के पास से भागने की कोशिश की। यह एकमात्र घटना नहीं है, कई पर्यटकों को हाउसबोट पर लड़कियों की सप्लाई की जाती है।

प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया
इस व्यापार में लिप्त 1860 सेक्स वर्करों में से ज्यादातर वो हैं जो कि किसी गांव या एकल परिवारों से ताल्लुक रखती हैं, वहीं कुद ऐसी भी है जो कि अपने शौक पूरे करने के लिए इस व्यापार से जुड़ जाती हैं। हालांकि महिलाओं और बच्चों के लिए काम करने वाली संस्थाएं इन घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाती हैं पर प्रशासन ने उनकी आवाज नहीं सुनी।












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