खत्म हुआ 17 साल पुराना रिश्ता, भाजपा-जेडीयू में तलाक
पटना। बीजेपी और जेडीयू का 17 सालों पुराना रिश्ता टूट गया है। मोदी के नाम पर दोनों के रिश्तों में पड़ी खटास और इसका अंत दोनों के बीच तलाक के रुप में सामने आई। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद इस रिश्ते के अंत पर मुहर लग गई।
नरेंद्र मोदी को बीजेपी की गोवा कार्यकारिणी में चुनाव अभियान समिति की कमान दिए जाने से के साथ ही ना सिर्फ बीजेपी बल्कि एनडीए में भी भूचाल आ गया है। पहले तो लालकृष्ण आडवाणी ने बगावत की और फिर एनडीए का 17 साल पुराना साथी जेडीयू भी अलग हो गया।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद नीतीश और शरद यादव ने साझा प्रेस कांफ्रेंस पर एनडीए से अलग होने का ऐलान कर दिया। इस रिश्ते का अंत किस वजह से हुआ ये किसी से छुपा नहीं है। लेकिन नीतीश ने बिना किसी का नाम ले बस इतना कहा कि इस रिश्ते के अंत के पीछे उनका कोई हाथ 17 साल पुराने रिश्ते के अंत पर सबकी प्रतिक्रिया आई।
किसी ने नीतीश के माथे पर दोष मढ़ा तो किसी ने इस हड़बड़हट में लिया गया फैसला करार दिया। आलोचनाओं की परवाह किए बिना नीतीश ने गठबंधन तोड़ दिया। आइए देखते है किसने क्या कहा।

बुनियादी विचारों से नहीं होगा कोई समझौता
एनडीए ने संबंध तोड़ने के बाद नीतीश ने कहा कि वो और उनकी पार्टी किसी भी किमत पर अपने बुनियादी विचारों से समझौता नहीं कर सकते है। पत्रकारों ने बातचीत करते हुए नीतीश ने ये बात कही।

गठबंध से अलग होने का फैसला जल्दबाजी में लिया गया।
शिवसेना के प्रवक्ता संजय राउत ने एनडीए से जेडीयू के अलग होने पर कहा कि रिश्ते के अंत के पीछे नीतीश की जल्दबाजी दिखाई। गठबंधन टूटने का फैसला नीतीश ने जल्दीबाजी में फैसला लिया।

एनडीए में फूट बिहार की राजनीति का काला दिन
बिहार में बीजेपी के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि एनडीए गठबंधन का टूटना बिहार की राजनीति का काला दिन है। नीतीश ने ये फासला कर बिहार के लोगों को धोखा दिया है।

बिहार में बीजेपी और जेडीयू के दिन खत्म
भाजपा-जेडीयू में फूट के बाद विरोधियों के सुर बुंलद हो गए है। आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव ने कहा कि एनडीए के टूटने के बाद है। बिहार में बीजेपी और जेडीयू के दिन खत्म हुए। नीतीस का धोखा जनता के सामने आ गया है।

एनडीए का टूटना बीजेपी के फैसले का असर
बीजेपी नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा कि एनडीए का टूटना बीजेपी के गलत फैसले का नतीजा है। गोवा में जल्दीबाजी में लिया गया फैसला भाजपा-जेडीयू के रिश्ते के अंत की वजह है। मोदी पर पार्टी ने जल्दबाजी में फैसला दिया, जिसकी वजह ने गठबंधन में फूट पड़ी है।












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