ड्रैगन को दिखाकर बनायेंगे बॉर्डर के पास सड़क
नई दिल्ली (ब्यूरो)। चीन के खतरे से निपटने के लिए अब सरकार अरुणांचल सहित पूर्वोत्तर के सभी राज्यों जिनकी सीमा चीन से लगती है, के लिए एक विशेष पैकेज ला रही है। दरअसल सरकार जापान के साथ हुए समझौते के बाद चीन के खिलाफ मोर्चेबंदी पर उतर आई हैं, लेकिन वह खुलकर चीन को नाराज नहीं करना चाहती। इसीलिए वह चीन की सीमा से भारत के जितने भी राज्य लगते है उनके लिए एक विशेष पैकेज का इंतजाम कर रही हैं। यानी अब ड्रैगन को दिखा कर सीमावर्ती राज्यों का चौतरफा विकास किया जायेगा।
इस पैकेज के तहत इन राज्यों के गरीब लोगों की जिंदगी में खुशहाली लाने की कोशिश की जाएंगी और पहाड़ के दुर्गम इलाकों में चीन की सीमा के पास सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। इसी विशेष पैकेज की घोषणा करते हुए सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा हैं कि देश को चाहिए कि अगले 10 वर्षो में सात करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर निकाल लिया जाए। इसके साथ ही सोनिया ने घोषणा की कि सरकार पूर्वोत्तर और हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए एक विशेष पैकेज तैयार कर रही है।

सोनिया ने यहां आजीविका दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि अगले 10 वर्षो में हमें सात करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर निकालना है। यह आसान काम नहीं है। सोनिया ने कहा कि आजीविका (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) ने यह साबित किया है कि गांवों में, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के जरिए सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाया जा सकता है।
संप्रग अध्यक्ष ने कहा कि इससे साबित होता है कि आजीविका मिशन को पूरे देश में लागू करने की आवश्यकता है और इसमें मध्य व उत्तरी हिस्सों पर विशेष ध्यान दिया जाए। सोनिया ने कहा कि मुझे खासतौर से खुशी इस बात की है कि इस मिशन के जरिए हम जम्मू एवं कश्मीर में महिलाओं की मदद कर पाए हैं। सोनिया ने आगे कहा कि पूर्वोत्तर तथा हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए एक विशेष पैकेज तैयार किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जून 2011 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की शुरुआत की थी।












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